Iran America War: युद्ध के बीच खाली हो जाएंगे पेट्रोल पंप? सरकार ने बताया कितना है स्टॉक, क्या है प्लान 'B'
Russian Oil Imports India: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा और राहत भरा बयान जारी किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सप्लाई रुकने के बावजूद भारत 'कंफर्टेबल' स्थिति में है। भारत के पास कच्चे तेल, एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि रूस से तेल आयात अब कुल आयात का 20% तक पहुंच चुका है, जो 2022 में मात्र 0.2% था। आपूर्ति में किसी भी कमी को पूरा करने के लिए अन्य भौगोलिक क्षेत्रों से आयात बढ़ाने की योजना तैयार है, जिससे देश में ईंधन की किल्लत नहीं होगी।

LPG Stock India Update: कच्चे तेल और एलपीजी का मजबूत भंडार
सरकारी सूत्रों ने देश को आश्वस्त किया है कि वर्तमान में क्रूड ऑयल, ऑयल प्रोडक्ट्स और एलपीजी का स्टॉक संतोषजनक स्थिति में है। होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे माल की तुलना में हमारे पास कहीं अधिक ऊर्जा स्रोत उपलब्ध हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रणनीति तैयार कर ली गई है। सरकार ने सभी एलपीजी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि घरेलू मांग और खपत में कोई रुकावट न आए।
ये भी पढे़ं: US Iran War: ईरान के Shahed-136 ने कैसे Trump की उड़ाई नींद, एक ड्रोन गिराने में खर्च हो रहे करोड़ों-Explainer
India Russia Oil Trade: रूस से तेल आयात में ऐतिहासिक उछाल
भारत की ऊर्जा रणनीति में रूस एक गेम-चेंजर बनकर उभरा है। आंकड़ों के अनुसार, 2022 में रूस से आयात कुल तेल का केवल 0.2% था, जो फरवरी 2026 में बढ़कर 20% हो गया है। भारत वर्तमान में रूस से प्रतिदिन 1.04 मिलियन बैरल कच्चा तेल आयात कर रहा है। यह डाइवर्सिफिकेशन भारत को मध्य पूर्व के तनावपूर्ण हालातों के बीच एक सुरक्षा कवच प्रदान कर रहा है, जिससे वैश्विक संकट का असर कम होगा।
ये भी पढे़ं: Iran USA War: ईरान की मार या ट्रंप को राष्ट्रपति की कुर्सी जाने का डर! व्हाइट हाउस में पूजा-पाठ क्यों?
MRPL रिफाइनरी पर उड़ती अफवाहों पर लगाम
सरकार ने मैंगलोर रिफाइनरी (MRPL) के बंद होने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि MRPL रिफाइनरी पूरी तरह कार्यात्मक है और वहां पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। रिफाइनरी के शटडाउन की खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। इसके साथ ही, घरेलू खपत की मांग को पूरा करने के लिए पेट्रोकेमिकल (Petchem) उत्पादों का उपयोग भी घरेलू स्तर पर करने का निर्णय लिया गया है।
ये भी पढे़ं: US Iran War: Trump को लेकर की 3 भविष्यवाणियां, 2 हुईं सच- तीसरी का इंतजार, अब वायरल हो रहा चीनी प्रोफेसर-Video
Strait of Hormuz Oil Crisis: सप्लाई चेन के लिए 'प्लान-बी' तैयार
होर्मुज जलडमरूमध्य में होने वाले किसी भी व्यवधान से निपटने के लिए भारत ने अन्य भौगोलिक क्षेत्रों (Geographies) से सप्लाई रैम्प-अप करने की तैयारी कर ली है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हमारे पास विकल्पों की कमी नहीं है। रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाएं और स्टॉक को सुरक्षित रखें। इस रणनीति का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से भारतीय उपभोक्ताओं को बचाना है।












Click it and Unblock the Notifications