जॉब ठगी के शिकार हुए भारतीय, हेल्पर की नौकरी की तलाश में गए, वैगनर आर्मी में भर्ती कर जंग लड़ने भेज दिया
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को 2 दिन बाद 2 साल पूरे हो जाएंगे। इस बीच युद्ध से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। भारतीय लोगों को रूस में जबरदस्ती यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ने के लिए भेजा जा रहा है। ये दावा खुद चार भारतीय नागरिकों के रिश्तेदारों ने किया है।
परिजनों के मुताबिक रूसी कंपनियों ने इन भारतीयों को हेल्पर के तौर पर काम करने के लिए नियुक्त किया था। इसके बाद इन्हें रूस की प्राइवेट आर्मी कही जाने वाले वैगनर ग्रुप में भर्ती करवा दिया गया और यूक्रेन संग जंग में लड़के के लिए जंग के मैदान में भेज दिया गया।

इन लोगों के परिजनों के बताया कि कुछ एजेंट्स ने दिसंबर 2023 में नौकरी के नाम पर धोखे से भारतीयों को रूस भेज दिया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अब ये भारतीय मदद की गुहार लगा रहे हैं। ये लोग तेलंगाना और कर्नाटक के बताए जा रहे हैं।
तेलंगाना के नारायणपेट जिले के रहने वाले 22 साल के मोहम्मद सूफियान और कर्नाटक के कालाबुरागी के रहने वाले तीन अन्य भारतीयों ने अपने घरवालों को मैसेज भेजा था। जिससे इस मामले का खुलासा हुआ। सुफियान ने एक रूसी सैनिक के मोबाइल से अपने परिवार को एक वीडियो भेजा था जिसमें वह सेना की ड्रेस में दिखाई दे रहा था। उसने दावा किया कि वे धोखाधड़ी का शिकार हो गया है।
सूफियान ने कहा कि वह यूक्रेन बॉर्डर से 40 किलोमीटर दूर है। उन्हें उनकी मर्जी के खिलाफ जंग के मैदान में भेजा गया है। उन्हें धोखा दिया गया। सूफियान ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। सूफियान ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर भारत लौटना चाहता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, चारों भारतीय फेक आर्मी जॉब रैकेट का शिकार हुए। ये पहली बार नवंबर 2023 में एजेंट्स से मिले थे। एजेंसट्स ने सेना में हेल्पर की नौकरी के लिए लाखों की सैलरी बताई थी। इसके बाद दिसंबर 2023 में भारतीयों को विजिटर वीजा पर रूस ले जाया गया। सभी ने चेन्नई एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी।
टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया कि ये भारतीय दुबई में नौकरी करते थे। उनकी सैलरी 30-40 हजार रुपए थी। एजेंट्स ने 2 लाख की सैलरी वाली नौकरी का झांसा दिया। एक परिजन ने बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर एजेंट्स ने भारतीयों से 3.5 लाख रुपए भी लिए।
रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा माना जा रहा है कि 60 अन्य भारतीयों को भी झांसा देकर वैगनर आर्मी में शामिल किया गया है। महाराष्ट्र के एक आदमी ने इन लोगों से एक कॉन्ट्रैक्ट पेपर पर साइन करवाए थे। कॉन्ट्रैक्ट रूसी भाषा में लिखा था। साइन लेते समय इन लोगों से कहा गया कि वे रूस में हेल्पर की नौकरी से जुड़े पेपर पर साइन कर रहे हैं।
कथित तौर पर यूट्यूब चैनल चलाने वाले महाराष्ट्र के एक व्यक्ति ने उन्हें रूस में सिक्योरिटी हेल्पर की नौकरी करने के लिए गुमराह किया था। एक व्लॉगर ने भोले-भाले युवाओं के साथ हो रही धोखाधड़ी का खुलासा किया।












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