इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिले NSA अजीत डोभाल... गाजा पट्टी को लेकर पहुंचाया अहम संदेश
Ajit Doval meets Israel PM Netanyahu: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की है और रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के बीच गाजा पट्टी में चल रहे युद्ध को लेकर काफी अहम बातचीत की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा पट्टी में चल रहे इजराइली युद्ध के बीच लगातार हो रहे डेवलपमेंट्स और युद्ध के मुद्दे पर अजीत डोभाल और बेंजामिन नेचन्याहू के बीच काफी अहम बातचीत की गई है। इस दौरान PM नेतन्याहू ने डोभाल को फिलिस्तीनी क्षेत्र में लड़ाई को लेकर जानकारी दी।

इसके अलावा, इजराइली प्रधानमंत्री ने हमास के कब्जे में मौजूद इजराइली बंधकों को रिहा करने को लेकर चल रही कोशिशों और गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचाने के मुद्दे पर भी चर्चा की है।
नेतन्याहू से मिले अजीत डोभाल
मुलाकात के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, कि "प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आज भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की और उन्हें गाजा पट्टी में लड़ाई के हालिया घटनाक्रम से अवगत कराया। दोनों पक्षों ने बंधकों को रिहा करने के प्रयास और मानवीय सहायता के मुद्दे पर भी चर्चा की।"
इस मुलाकात के दौरान इजराइल के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डायरेक्टर तज़ाची हानेग्बी, इजराइली प्रधानमंत्री के विदेश नीति सलाहकार और इज़राइल में भारतीय राजदूत ने भी भाग लिया। आपको बता दें, कि मिडिल ईस्ट में फैली अशांति को लेकर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी लगातार संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब, मिस्र और जॉर्डन जैसे क्षेत्र के महत्वपूर्ण नेताओं के संपर्क में हैं और क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए चर्चा में सक्रिय रूप से शामिल हैं।
भारत ने गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी आबादी को आवश्यक वस्तुओं की खेप भेजकर आवश्यक मानवीय सहायता प्रदान करने के प्रयासों का समर्थन किया है। युद्ध तब शुरू हुआ, जब हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादियों ने 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजराइल पर हमला किया, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे, और करीब 250 बंधकों को ले लिया।
रफा में ऑपरेशन शुरू करने वाले हैं नेतन्याहू
आपको बता दें, कि इजराइली प्रधानमंत्री बहुत जल्द दक्षिणी गाजा पट्टी में रफा में मिलिट्री ऑपरेशन शुरू करने की घोषणा कर सकते हैं और उन्होंने रफा में ऑपरेशन शुरू करने के रूख को दोहराया भी है। उन्होंने कड़े शब्दों में फिर से कहा है, कि इजराइल यह सुनिश्चित करना चाहता है, कि 7 अक्टूबर जैसा हमला दोबारा न हो।
उन्होंने कहा, कि "हम वहां (रफा) जाएंगे। हम उन्हें छोड़ने वाले नहीं हैं। आपको बता है, कि हमने एक लाल रेखा खींच रखी है और आपको पता है, वो लाल रेखा क्या है?" उन्होंने आगे कहा, कि "वो 7 अक्टूबर दोबारा नहीं होगा। फिर कभी नहीं होगा। और ऐसा करने के लिए, हमें हमास की आतंकवादी सेना का विनाश पूरा करना है।"
इजरायली पीएम ने गाजा पट्टी में अपनी नीतियों का भी बचाव किया है और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की उस टिप्पणी का जवाब दियास कि इजरायली नेता "इजरायल को मदद करने से ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं।" उन्होंने कहा कि ज्यादातर इजरायली उनकी नीतियों का समर्थन करते हैं। इस बीच, हमास के राजनीतिक नेता, इस्माइल हनीयेह ने कहा है, कि आतंकवादी समूह अभी भी इजरायल के साथ लगातार मध्यस्थता पर बात करने के लिए खुला है।
आपको बता दें, कि रमजान शुरू होने से पहले युद्धविराम को लेकर काफी कोशिशें की गईं, लेकिन युद्धविराम को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई।












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