Hafiz Saeed: भारत सरकार ने पाकिस्तान से की हाफिज सईद के प्रत्यर्पण की मांग, PAK मीडिया का दावा
Hafiz Saeed Extradition: पाकिस्तानी मीडिया में दावा किया गया है, कि भारत सरकार ने पाकिस्तान से मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के प्रत्यर्पण की मांग की है। इस्लामाबाद पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है, कि भारत सरकार ने पाकिस्तान विदेश मंत्रालय से हाफिज सईद को सौंपने के लिए कहा है।
इस्लामाबाद पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है, कि भारत सरकार ने औपचारिक तौर पर पाकिस्तान से अनुरोध किया है, कि वो मुंबई हमले के मुख्य आरोपी को कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए भारत को सौंप दे।

भारत सरकार के अनुरोध में पाकिस्तान से हाफिज सईद के प्रत्यर्पण के लिए कानूनी प्रक्रिया की शुरूआत करने का आग्रह किया गया है।
आपको बता दें, कि इसी हफ्ते रिपोर्ट आई है, कि हाफिज सईद के बेटे ने, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए लाहौर सीट से नामांकन दाखिल किया है। वहीं, हाफिज सईद, मुंबई में 26/11 हमले का मास्टरमाइंड है, जिसमें 166 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें 6 अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे।
जानकारी के लिए बता दें, कि हाफिज सईद का जन्म पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा में हुआ था और उसके पिता कमाल-उद-दिन एक किसान थे। भारत के विभाजन के बाद साल 1947 में हाफिज सईद का परिवार हरियाणा से पाकिस्तान पहुंचा था। रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा के हिसार में उसका परिवार रहता था।
सईद को पाक सेना का संरक्षण मिला हुआ है और अब हालात यह हैं कि पाक में उसकी देखरेख में कई आतंकी संगठन तैयार हो चुके हैं।अमेरिका ने हाफिज को मोस्ट वांटेंड डिक्लेयर कर उसके सिर पर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया हुआ है।
हालांकि, कहने के लिए पाकिस्तान की कोर्ट में उसे उम्र कैद की सजा सुनाई गई है, जिसके बाद से पाकिस्तान का दावा है, कि हाफिज सईद साल 2019 से जेल में बंद है, लेकिन कई खुफिया रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि हाफिज सईद पाकिस्तानी सेना के संरक्षण में एक सेफ हाउस में रहता है।
हाफिज सईद का पूरा नाम हाफिज मुहम्मद सईद है और उसकी पत्नी का नाम माइमूना है। साल 2002 में हाफिज सईद ने दूसरी शादी भी की थी। हाफिज की दूसरी पत्नी उससे 28 साल छोटी है और वह कश्मीर में साल 2000 में मारे गए आतंकी अबू मूसा की विधवा थी। उसकी दूसरी शादी ने उसके आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के अंदर काफी विवाद पैदा कर दिया था।
लश्कर-ए-तैयबा का पहला मकसद भारत के जम्मू कश्मीर में हिंसा और अशांति फैलाना था। हाफिज सईद ने एक बार भारत को धमकी देते हुए कहा था, कि 'जब तक भारत कश्मीर में शामिल रहेगा, शांति नहीं रह पाएगी। भारतीयों को काट डालों और तब तक काटो जब तक वे घुटनों पर बैठकर तुमसे रहम न मोंगे।'
11 मई 2011 को भारत सरकार ने पाकिस्तान को 50 आतंकवादियों की लिस्ट सौंपी गई, जिसमें सबसे ऊपर नाम हाफिज सईद का ही था।














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