अमेरिका का वादा- भारतीय दूतावास को देंगे कड़ी सुरक्षा, दो दिन पहले तोड़ी गई थी गांधी जी की प्रतिमा
नई दिल्ली: मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ तीन हफ्तों से किसानों का प्रदर्शन जारी है। बड़ी संख्या में पंजाब और हरियाणा से आए किसान दिल्ली से लगती सीमाओं पर मोर्चा संभाले हुए हैं। चार दिन पहले किसानों के समर्थन में अमेरिका में भी प्रदर्शन हुआ। इस दौरान भारतीय दूतावास के सामने महात्मा गांधी मेमोरियल प्लाजा में लगी महात्मा गांधी की मूर्ति को तोड़ दिया गया। साथ ही उस पर खालिस्तान का झंडा लहराया गया। अब इस घटना पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक 12 दिसंबर को वाशिंगटन डीसी में स्थित भारतीय दूतावास के सामने गांधी जी की प्रतिमा को तोड़ दिया गया, ये एक निंदनीय घटना है। अब अमेरिका भारतीय दूतावास को पूरी सुरक्षा देने का वादा करता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक इस संबंध में भारतीय दूतावास के अधिकारियों से चर्चा की जा रही है। साथ ही वो दूतावास की सुरक्षा कड़ी करने की जिम्मेदारी लेते हैं।
भारतीय दूतावास ने कही थी ये बात
वाशिंगटन डीसी में हुई इस घटना पर भारत ने भी कड़ा एतराज जताया था। घटना के बाद भारतीय दूतावास ने बयान जारी करते हुए कहा कि दूतावास शांति और न्याय के सार्वभौमिक रूप से सम्मानित आइकन के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने जो गुंडागर्दी की है, हम उस कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं वाशिंगटन में प्रदर्शन का आयोजन करने वाले किसान समर्थकों ने आरोपों का खंडन किया था। उनके मुताबिक किसी भी प्रदर्शनकारी ने ना तो महात्मा गांधी की मूर्ति तोड़ी और ना ही उस पर खालिस्तान का झंड़ा लहराया था।
लंदन में भी हुई थी ऐसी घटना
किसानों के समर्थन में कई देशों में भारतीय लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन के दौरान खालिस्तान के झंडे लहराए गए थे। वहीं कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी किसानों के समर्थन में ट्वीट कर चुके हैं। हालांकि ट्रूडो के बयान पर भारत ने पलटवार भी किया था। साथ ही उन्हें आंतरिक मामलों में दखल ना देने की सलाह दी थी।












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