अमेरिका में भारतीय राजनयिक देवयानी के कपड़े उतरवाकर ली गई तलाशी

1999 बैच की आइएफएस अधिकारी व भारत की डिप्टी काउंसिल जनरल देवयानी को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया। देवयानी पर आरोप है कि उन्होंने नौकरी पर रखने के लिये एक भारतीय के वीजा आवेदन के साथ फर्जी दस्तावेज पेश किये हैं। बाद में न्यूयॉर्क पुलिस ने देव्यानी को 250,000 डॉलर की जमानत राशि पर रिहा कर दिया गया। लेकिन इस बीच देवयानी के साथ जो बदसलूकी हुई, वह शर्मनाक थी। देवयानी को पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया, जब वो अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने जा रही थीं। न्यूयॉर्क पुलिस की एक वैन आयी परिचय पूछा और उन्हें गिरफ्तार करके ले गई।
थाने में जो बदसलूकी की गई, उसे खबर में बार-बार दोहराना भी शर्मनाक होगा। इधर अमेरिका के खिलाफ नाराजकी व्यक्त करते हुए भारत ने सबसे पहले लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों से मुलाकात को रद्द कर दिया।
नौकरानी को कम सैलरी ले डूबी देवयानी को
अगर न्यूयॉर्क पुलिस की मानें तो भारतीय राजनयिक ने अपने घर पर एक भारतीय महिला को अपनी बेटी की देखभाल व घर के अन्य कामकाज के लिये रखा था। पुलिस के अनुसार देवयानी उसे निर्धारित मानकों का एक तिहाई पैसा दे रही थीं। निर्धारित मानकों के अनुसार घर में काम करने वाली नौकरानी को 9.75 डॉलर प्रति घंटा दिया जाना चाहिये, जबकि देव्यानी उसे 3.31 डॉलर ही दे रही थीं। बताया जा रहा है कि उसे 30 हजार रुपए यानी करीब 500 डॉलर प्रति माह मिलता था।
देवयानी की गिरफ्तारी तब हुई जब भारतीय मूल की प्रीत भरारा ने वीजा में फ्रॉड करने के आरोप लगाये। उधर एक वरिष्ठ भारतीय राजदूत ने भी कहा कि अगर कोई भी भारतीय अमेरिका में काम कर रहा है, तो उसे अमेरिका के श्रम कानून के अंतर्गत पैसा मिलना चाहिये। अब देखना यह होगा कि भारत का विदेश मंत्रालय इस पर क्या कदम उठाता है।












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