ऑस्ट्रेलियाः मंदिर के बाद भारतीय दूतावास भी खालिस्तानियों के निशाने पर, दिखा खालिस्तानी झंडा
इस साल जनवरी में 15 दिन के भीतर तीन हिन्दू मंदिरों को निशाना बनाया गया था। इसके अलावा कनाडा और ब्रिटेन में भी हिन्दू समुदाय के खिलाफ हिंसा के मामले में बढ़ोतरी हुई है।

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ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तान उग्रवादियों का हौसला बढ़ता ही जा रहा है। खालिस्तानी ग्रुप द्वारा ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों में तोड़फोड़ करने के कुछ दिनों बाद, अब ब्रिस्बेन में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला किए जाने की खबर आ रही है। ऑस्ट्रेलिया टुडे की खबर के मुताबिक ब्रिस्बेन के टारिंगा उपनगर में स्वान रोड पर स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास कार्यालय को खालिस्तानियों ने निशाना बनाया।
22 फरवरी की है घटना
खबर के मुताबिक ब्रिसबेन में भारत की कॉन्सुलेट अर्चना सिंह ने 22 फरवरी को कार्यालय में खालिस्तान का झंडा लगा हुआ पाया। कॉन्सुलेट ने तुरंत क्वींसलैंड पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने आकर इस झंडे को जब्त कर लिया और किसी अन्य खतरे की आशंका के बीच भारतीय दूतावास को खाली कराया। अर्चना सिंह ने द ऑस्ट्रेलिया टुडे को बताया, "पुलिस हमें सुरक्षित रखने के लिए प्रयास कर रही है। हमें पुलिस प्रशासन पर पूरा यकीन है।"
गायत्री मंदिर में धमकी
आपको बता दें कि 17 फरवरी को क्वीन्सलैंड के गायत्री मंदिर में पाकिस्तान से फोन पर धमकी दी गई थी। कॉल करने वाले ने मंदिर अध्यक्ष से खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने को कहा था। उसने दावा किया कि वह पाकिस्तान से कॉल कर रहा है। कॉलर ने कहा है कि खालिस्तान जिंदाबाद कहने पर ही शिवरात्रि मनाने की अनुमति मिलेगी।
काली मंदिर के पुजारी को भी धमकाया
उसी दिन मेलबर्न के काली मंदिर में भी खालिस्तानियों की ओर से मंदिर के पुजारी को नई धमकी दी गई। मंदिर के पुजारी को फोन कर कहा गया है कि मंदिर में भजन और पूजा बंद करें या परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। पुजारी ने कहा कि उन्हें 'नो कॉलर आईडी' से कॉल आया था। पुजारी के मुताबिक, पंजाबी में बोलने वाले एक व्यक्ति ने उन्हें 4 मार्च को होने वाले प्रोग्राम को रद्द करने की धमकी दी।
2023 में मामले बढ़े
आपको बता दें कि हाल में खालिस्तानी आंदोलन का समर्थन करने वाले लोगों द्वारा ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने में तेजी देखी गई है। इस साल जनवरी में 15 दिन के भीतर तीन हिन्दू मंदिरों को निशाना बनाया गया था। इसके अलावा कनाडा और ब्रिटेन में भी हिन्दू समुदाय के खिलाफ हिंसा के मामले में बढ़ोतरी हुई है।












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