ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तान समर्थकों का उत्पात, भारतीय वाणिज्य दूतावास को कराया बंद, कब होगा एक्शन?
ऑस्ट्रेलिया में पिछले कुछ दिनों से लगातार हिन्दू मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है और मंदिरों पर पीएम मोदी और भारत विरोधी नारे लिखे गये थे।

Khalistan In Australia: खालिस्तानी समर्थकों ने आज ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में भारतीय वाणिज्य दूतावास को बंद करने के लिए मजबूर कर दिया है। ऑस्ट्रेलियन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिस्बेन में स्थिति भारतीय वाणिज्य दूतावास को जबरन बंद कराया गया है। ऑस्ट्रेलिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, क्वींसलैंड पुलिस ने कहा है, कि भारतीय वाणिज्य दूतावास के सामने बिना इजाजत सभा का आयोजन किया गया, जहां 'हिन्दुओं के खिलाफ नारेबाजी की गई और खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गये।' इससे पहले पिछले महीने भी खालिस्तान समर्थकों ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला किया था।
भारतीय वाणिज्य दूतावास को कराया बंद
भारतीय वाणिज्य दूतावास पर खालिस्तान समर्थकों का ताजा हमला, भारत द्वारा ऑस्ट्रेलिया से खालिस्तानी अलगाववादियों पर लगाम लगाने के लिए कहे जाने के फौरन बाद हुआ है। ऑस्ट्रेलिया में पिछले दिनों हिन्दू मंदिरों को भी निशाना बनाया गया है और मंदिरों पर पीएम मोदी, हिन्दू और भारत विरोधी नारे लिए गये। पिछले हफ्ते ही भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से नई दिल्ली में मुलाकात के दौरान ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानियों के सक्रिय होने पर सवाल उठाया था। वहीं, ऑस्ट्रेलियन मीडिया का कहिा है, कि ब्रिस्बेन के टारिंगा उपनगर में स्वान रोड पर स्थित वाणिज्य दूतावास पर इसके पहले 21 फरवरी की रात खालिस्तानी समर्थकों ने हमला किया था। ब्रिस्बेन में भारत के वाणिज्य दूतावास की अधिकारी अर्चना सिंह, जब अगले दिन काम के लिए पहुंची थीं, तो उन्हें कार्यालय में खालिस्तान का झंडा मिला था, जिसके बाद उन्होंने तुरंत क्वींसलैंड पुलिस को सूचित किया था, जिसने झंडे को जब्त कर लिया था। वहीं, अर्चना सिंह ने ऑस्ट्रेलिया टुडे को बताया, कि "हमें पुलिस और अधिकारियों पर भरोसा है।"
खालिस्तानियों पर कब होगी कार्रवाई?
ऑस्ट्रेलिया टुडे के संपादक जे भारद्वाज ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, कि अब तक भारतीय आस्ट्रेलियाई लोगों पर हमले होते रहे हैं। उन्होंने कहा, कि "लेकिन अब, वे (खालिस्तानी समर्थक) भारत सरकार से संबंधित संस्थानों को निशाना बना रहे हैं। ब्रिस्बेन में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला, भारत सरकार पर सीधा हमला है"। पिछले महीने पंजाब के अमृतसर में भी हिंसा भड़क उठी थी, जब वारिस पंजाब डे के प्रमुख अमृतपाल सिंह के नेतृत्व में खालिस्तानी समर्थक अपने एक सहयोगी लवप्रीत तूफान की रिहाई की मांग को लेकर अजनाला पुलिस थाने में घुस आए थे। खालिस्तान समर्थकों और पंजाब पुलिस के बीच हुई झड़प में छह पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे।












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