World News Hindi: बीच समुद्र में भारतीय कैप्टन गिरफ्तार? फ्रांस की नेवी का बड़ा एक्शन, रूस से क्या है कनेक्शन?
Indian Captain arrested in France: भूमध्य सागर में फ्रांसीसी नौसेना द्वारा रूसी 'शैडो फ्लीट' (Shadow Fleet) से जुड़े तेल टैंकर 'ग्रिंच' को पकड़ना आजकल काफी चर्चा में है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहाज के कैप्टन एक भारतीय नागरिक हैं, जिन्हें अब गिरफ्तार कर लिया गया है।
दरअसल, रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से यूरोप ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन रूस इन प्रतिबंधों से बचने के लिए पुराने जहाजों के एक गुप्त बेड़े (शैडो फ्लीट) का इस्तेमाल कर रहा है। फ्रांस का दावा है कि यह जहाज नियमों को ताक पर रखकर रूस का तेल ढो रहा था। अब इस कानूनी पचड़े ने भारतीय क्रू और उनके कैप्टन के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है।

French Navy seizes oil tanker: क्यों पकड़े गए भारतीय कैप्टन?
फ्रांसीसी अधिकारियों ने भारतीय कैप्टन को इसलिए हिरासत में लिया क्योंकि जहाज पर हो रही हर गतिविधि की कानूनी जिम्मेदारी उन्हीं की होती है। उन पर मुख्य आरोप यह है कि जहाज बिना किसी देश का झंडा (Flag) फहराए चल रहा था, जो समुद्री कानूनों का बड़ा उल्लंघन है। इसके अलावा, जब नौसेना ने पूछताछ की, तो कैप्टन की ओर से सही सहयोग न मिलने की बात भी सामने आई है। नियमों के मुताबिक, संदिग्ध दस्तावेजों या बिना पहचान के जहाज चलाने पर कैप्टन को ही न्यायिक अधिकारियों के सामने जवाब देना पड़ता है।
Russian Shadow Fleet: क्या है ये 'शैडो फ्लीट' का चक्कर?
रूस ने दुनिया भर के प्रतिबंधों को धता बताने के लिए लगभग 400 पुराने जहाजों की एक 'सीक्रेट आर्मी' तैयार की है, जिसे 'शैडो फ्लीट' कहते हैं। ये जहाज अक्सर उन देशों में रजिस्टर्ड होते हैं जहां कानून ढीले हैं और ये अपनी पहचान छिपाने के लिए ट्रैकिंग सिस्टम तक बंद कर देते हैं। 'ग्रिंच' नाम का यह जहाज भी इसी बेड़े का हिस्सा माना जा रहा है। फ्रांस का मानना है कि इन जहाजों के जरिए रूस अभी भी अपना तेल बेचकर युद्ध के लिए पैसा जुटा रहा है, इसलिए अब इन पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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फ्रांसीसी नौसेना का फिल्मी एक्शन
इस जहाज को पकड़ने का नजारा किसी फिल्म जैसा था। फ्रांसीसी नौसेना के जवान हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे चलते हुए जहाज पर उतरे और उसे अपने कब्जे में ले लिया। यह कार्रवाई तब हुई जब जहाज उत्तर-पश्चिमी रूस के मरमंस्क से तेल लेकर आ रहा था। नौसेना ने न सिर्फ जहाज को रोका, बल्कि उसका रास्ता मोड़कर उसे फ्रांसीसी बंदरगाह 'फॉस-सुर-मेर' पर लंगर डालने के लिए मजबूर किया। फ्रांस इस कार्रवाई के जरिए रूस और उसे सहयोग देने वाले जहाजों को सख्त चेतावनी दे रहा है।
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Indian crew on Russian tanker: भारतीय क्रू के लिए बढ़ी मुश्किलें
इस टैंकर का पूरा क्रू भारतीय है, जिन्हें फिलहाल जहाज पर ही नजरबंद रखा गया है। भारत के लिए यह स्थिति काफी पेचीदा है क्योंकि रूस और फ्रांस दोनों के साथ भारत के अच्छे संबंध हैं। रूस ने फ्रांस की इस कार्रवाई को 'समुद्री डकैती' (Piracy) बताया है, जबकि फ्रांस इसे कानूनी कार्रवाई कह रहा है। अब भारतीय कैप्टन को फ्रांसीसी कोर्ट में लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ सकती है। यह घटना दिखाती है कि कैसे बड़े देशों की लड़ाई के बीच समुद्र में काम करने वाले कर्मचारी मुसीबत में फंस जाते हैं।












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