पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना का एक्शन, सड़क निर्माण कार्य तेजी से जारी, जल्द बनेगी सुरंग, अब चीन पर रहम नहीं!
भारतीय न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय लेना ने लद्दाख में अलग अलग जगहों पर तेजी से निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। ऐसी संभावना है कि सर्दियों में चीन की सेना फिर से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर सकती है।
लद्दाख, मई 25: चीन की सेना लगातार भारत में घुसपैठ के लिए साजिशें करती रहती है वहीं चीन की सेना लगातार भारतीय सीमा के करीब निर्माण कर रही है, जिसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अब भारतीय सेना ने भी तगड़ी तैयारियां शुरू कर दी है। भारत और चीन की सेना के बीच खूनी संघर्ष हुए एक साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है और कई इलाकों में दोनों देशों की सेना पीछे भी हट चुकी है। लेकिन, पिछले दिनों खबर आई थी कि चीन की सेना ने फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, जिसके बाद अब भारतीय सेना ने भी चीन को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए लद्दाख में सीमा के पास निर्माण करना शुरू कर दिया है ताकि वहां से भारतीय सेना चीन की हर चाल पर नजर रख सके और जरूरत पड़ने पर चीन को माकूल जवाब भी दिया जा सके।

लद्दाख सीमा पर निर्माण कार्य
भारतीय न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय लेना ने लद्दाख में अलग अलग जगहों पर तेजी से निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। ऐसी संभावना है कि सर्दियों में चीन की सेना फिर से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर सकती है, जिसको देखते हुए इस बार भारतीय सेना पूरी तरह से सतर्क है। एलएसी पर भारतीय सेना इस तरह से निर्माण कार्य कर रही है ताकि वहां ज्यादा से ज्यादा सैनिक रह सकें। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना के निर्माण का मकसद ये है कि सर्दी के मौसम में भारतीय सेना बेहद आसानी ने चीनी घुसपैठियों पर टूट सके। आपको बता दें कि सर्दी के मौसम में लद्दाख में तापमान माइनस 45 डिग्री नीचे चला जाता है, ऐसे में वहां मिलिट्री ऑपरेशन चलाना काफी मुश्किल होता है, लिहाजा भारतीय सेना ने पहसे से ही तैयारियां शुरू कर दी है।

इंडियन आर्मी का पंचवर्षीय प्लान
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना पिछले एक साल से पंचवर्षीय प्लान पर काम कर रही है। जिसके तहत निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक 'पिछले साल चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प के बाद भारतीय सेना पूरी प्लानिंग के साथ काम कर रही है। जिसके तहत पिछले एक साल से भारतीय सेना पांच सालों की प्लानिंग पर काम कर रही है। भारतीय सेना नये निर्माण कार्य को तेजी से अंजाम दे रही है ताकि अभी लद्दाख में जितने सैनिक तैनात हैं, उनकी संख्या आने वाले वक्त में दोगुनी बढ़ाई जा सके और सैनिकों को किसी भी तरह की दिक्कत ना हो, इसको लेकर काम हो रहा है।' एक संभावना के मुताबिक भारत और चीन की सेना ने पूर्वी लद्दाख में अपने अपने इलाके में 50 हजार से ज्यादा सैनिकों की तैनाती कर रखा है। पैंगोग सेक्टर में मिलिट्री डिसइंगेजमेंट के बाद भी दोनों तरह से भारी सैनिकों की तैनाती की गई है।

सालभर मिलिट्री मुवमेंट
भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक एलएसी पर इंजीनियरिंग और निर्माण कार्य अभी भी जारी है और सैनिकों के रहने और मिलिट्री ऑपरेशन के लिए निर्माण कार्य किए जा रहे है। एलएसी पर भारत लगातार सड़क निर्माण कर रहा है और सड़क निर्माण एलएसी के अलग अलग हिस्सों में किया जा रहा है, ताकि सैनिकों को बेहद आसानी से एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचाया जा सके। पूर्वी लद्दाख से नीमू-पद्म-दारचा तक सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसकी वजह से लद्दाख के साथ साथ देश के दूसरे हिस्सों से सैनिकों की यहां आवाजाही बेहद सुगमता के साथ हो सकेगी। वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रक्षा मंत्रालय जल्द ही साढ़े चार किलोमीटर का सुरंग बनाने के लिए बीआरओ प्रपोजल को पास कर सकती है, जिसकी मदद से सुरक्षित तरीके से भारतीय सेना मुवमेंट कर सके। वहीं, सूत्रों का कहना है कि रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण हर लोकेशन तक निश्चित तारीख से पहले ही सड़क निर्माण का कार्य संपन्न कर लिया जाएगा।












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