मुस्लिम देशों के संगठन का वार तो मोदी सरकार का करारा प्रहार, OIC को जारी की सख्त चेतावनी
भारत ने मुस्लिम देशों के संगठन ओआईसी को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वो पाकिस्तान को भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए अपने मंच का इस्तेमाल नहीं करने दें।
नई दिल्ली, जुलाई 09: कश्मीर मुद्दे पर इस्लाम और इस्लामिक सहयोग संगठन के जरिए घेरने की कोशिश करने वाले पाकिस्तान को लेकर भारत ने बेहद सख्त रूख अपनाया है। भारत ने सीधे तौर पर इस्लामिक संगठन को चेतावनी दी है कि वो पाकिस्तान के स्वार्थ के चक्कर में भारत के खिलाफ ना जाएं। भारत ने इस्लामिक सहयोग संगठन को दो टूक कहा है कि पाकिस्तान इस्लाम का ज्ञान देकर भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है और संगठन को भारत के खिलाफ बयान देने से बचना चाहिए। दरअसल, इस्लामिक संगठन ने 5 जुलाई को कश्मीर में एक संगठन भेजने की बात की थी, जिसको लेकर भारत ने बेहद सख्त रूख अपनाते हुए ओआईसी को चेतावनी जारी की है।

भारत ने जारी की चेतावनी
भारतीय विदेश मंत्रालय ने ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉर्पोरेशन के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उसे पाकिस्तान जैसे देशों के निहित स्वार्थों वाले, पक्षपातपूर्ण और एकतरफा प्रस्ताव के जरिए भारत विरोधी प्रचार के लिए अपने मंच का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इस मुद्दे पर ओआईसी के प्रमुख यूसेफ अल ओथैमीन से मुलाकात की और इस दौरान साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान ओआईसी के मंच का गलत इस्तेमाल अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिए कर रहा है, लिहाजा ओआईसी पाकिस्तान जैसे देशों को अपने मंच का गलत इस्तेमाल नहीं करने दे। भारत ने ओआईसी प्रमुख से कहा कि पाकिस्तान भारत को बदनाम करने के लिए गलत तथ्य पेश कर रहा और भ्रम का माहौल तैयार कर रहा है, लिहाजा ओआईसी को पाकिस्तान के बहकावे में नहीं आना चाहिए, और भारत के खिलाफ बनी गलत धारणा को दूर करना चाहिए।

पाकिस्तान के बहकावे में ओआईसी
इस्लामिक देशों का संगठन, जिसे शॉर्ट फॉर्म में ओआईसी कहा जाता है, वो दुनिया भर के मुस्लिम देशों का नेता होने का दावा करता है। 25 सितंबर 1969 को अस्तित्व में लाए गये इस संगठन का पाकिस्तान भी संस्थापक सदस्य है। दुनिया में मुसलमानों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला भारत इस संगठन का सदस्य नहीं है। पाकिस्तान शुरू से ही इस संगठन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ करता आया है और पाकिस्तान के बहकावे में आकर ओआईसी कई बार भारत के खिलाफ बयान दे चुकी है, खासकर कश्मीर मुद्दे पर। 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद से इस संगठन का रवैया भारत को लेकर काफी नरम नजर आया है। वहीं, इस बार जब कश्मीर में प्रतिनिधिमंडल भेजनी का बात ओआईसी ने की है, तो भारत ने बेहद सख्त रूख अख्तियार किया है।

पाकिस्तान ने सऊदी को किया था चैलेंज
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने 2019 में ओआईसी की बैठक के दौरान सऊदी अरब के दबदबे को चुनौती दी थी। दरअसल, जब भारत ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35ए को खत्म करने की घोषणा की थी, तो बौखलाया पाकिस्तान ओआईसी में चला गया था। और ओआईसी से भारत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जिद करने लगा था। लेकिन, सऊदी अरब ने खुलकर भारत का साथ देते हुए पाकिस्तान को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया था। जिससे पाकिस्तान को बहुत बड़ा झटका लगा था। जिसके जवाब में पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सऊदी अरब को खरी-खोटी सुना दी थी। जिससे गुस्साए सऊदी अरब ने पाकिस्तान को कर्ज पर तेल की आपूर्ति रोक दी थी और 3 अरब डॉलर का दूसरा कर्ज तुरंत वापस करने को कहा था। जिसे पाकिस्तान ने चीन से लेकर चुकाया था।

भारत को घेरने में नाकाम पाकिस्तान
पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि सहित जेनेवा में पाकिस्तान के राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत को घेरने की कई बार कोशिशें की, लेकिन हर बार पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी और भारत ने हर बार पाकिस्तान के झूठ का कड़े लहजे में जवाब दिया था। इतना ही यूनाइटेड नेशंस में पाकिस्तान का समर्थन सिर्फ चीन और तुर्की ने किया था, जबकि बाकी देशों ने भारत का समर्थन किया था। यही वजह है कि बौखलाया पाकिस्तान अब ओआईसी की मदद से भारत को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन, पहले ओआईसी के सामने नरम पड़ जाने वाले भारत ने इस बार उम्मीद के विपरीत बेहद सख्त रूख अपनाया है और ओआईसी को साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि वो कश्मीर मुद्दे पर दूर रहे।












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