'ये दुष्ट देश आतंकियों को पनाह देने की बात खुलेआम कबूल रहा है', भारत ने UN में पाकिस्तान को जमकर धोया
India UN Over Pahalgam Attack Pakistan: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान दुनियाभर में आतंकवाद को सपोर्ट करने को लेकर घिरा हुआ है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकियों को फंडिंग करने की बात को लेकर पाकिस्तान की पोल खोली है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा आतंकवादियों को ट्रेनिंग देने और फंड मुहैया कराने के "खुले कबूलनामे" को उठाया है। भारत ने पाकिस्तान को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर भी लताड़ा है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि उनके देश ने दशकों से आतंकवाद का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि राजदूत योजना पटेल ने कहा कि यह कबूलनामा किसी को भी हैरान नहीं कर रहा है, हम सब जानते हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन करता है। योजना पटेल ने कहा, ''पाकिस्तान एक दुष्ट देश के तौर पर दुनिया के सामने आया है, जो अब खुलेआम आतंकवाद को बढ़ावा देने की बात को स्वीकार कर रहा है।''

'पाकिस्तान को लेकर दुनिया अब और आंखें नहीं मूंद सकती'
राजदूत योजना पटेल ने कहा,
"पूरी दुनिया ने हाल ही में एक टेलीविजन इंटरव्यू में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और धन मुहैया कराने के पाकिस्तान के इतिहास को स्वीकार करते हुए सुना है। इस खुले कबूलनामे से किसी को हैरानी नहीं हुई और इसने पाकिस्तान को एक दुष्ट देश के रूप में उजागर किया है जो वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और भारत सीमा को अस्थिर कर रहा है। दुनिया अब और आंखें नहीं मूंद सकती।"
राजदूत योजना पटेल बोलीं- पाकिस्तान वैश्विक मंच का कर रहा दुरुपयोग
राजदूत योजना पटेल ने वैश्विक मंच का दुरुपयोग करने और उसे कमजोर करने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने और निराधार आरोप लगाने में लिप्त है।"
राजदूत योजना पटेल ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक विशेष प्रतिनिधिमंडल ने इस मंच का दुरुपयोग करने और इसे कमजोर करने, दुष्प्रचार में लिप्त होने और भारत के खिलाफ निराधार आरोप लगा रहा है। पूरी दुनिया ने अब पाकिस्तान का असली चेहरा देख लिया है।''
'भारत दशकों से सीमा पार आतंकवाद का शिकार है'
राजदूत योजना पटेल ने कहा, "पहलगाम आतंकवादी हमला 2008 में हुए 26/11 के भयावह मुंबई हमलों के बाद से नागरिक हताहतों की सबसे बड़ी संख्या को दिखाता है। दशकों से सीमा पार आतंकवाद का शिकार होने के कारण, भारत इस तरह के कृत्यों के पीड़ितों, उनके परिवारों और समाज पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभाव को पूरी तरह समझता है।"
राजदूत योजना पटेल ने कहा, "भारत जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के बाद दुनिया भर के नेताओं और सरकारों द्वारा दिए गए स्पष्ट समर्थन और एकजुटता की सराहना करता है और इसकी कद्र करता है। यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता का प्रमाण है।''
राजदूत योजना पटेल ने आगे कहा, ''हम दोहराते हैं कि आतंकवाद के सभी रूपों की स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए। आतंकवाद के पीड़ितों के संघ (VoTAN) की स्थापना एक अहम कदम है। यह पीड़ितों की बात सुनने और उन्हें समर्थन देने के लिए एक संरचित, सुरक्षित स्थान बनाएगा। भारत का मानना है कि आतंकवाद के प्रति वैश्विक प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए VoTAN जैसी पहल आवश्यक हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि पीड़ित हमारे सामूहिक प्रयासों के केंद्र में रहें।''












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