संयुक्त राष्ट्र में आतंकी मसूद अजहर पर भारत और चीन में ठनी
न्यूयॉर्क। जैश-ए-मोहम्मद का सरगना आतंकी मसूद अजहर को आतंकी घोषित ना करने को लेकर चीन का विरोध जारी है। संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर को लेकर एक बार फिर चीन और भारत आमने सामने हुए हैं। चीन ने गुरूवार को संयुक्त राष्ट्र में कहा कि हमने नियमों के मुताबिक ही तुच्छ राजनीतिक कारणों की वजह से मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने पर रोक लगाई है। चीन लगातार मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने के लिए भारत यूएस, यूके और फ्रांस के प्रयासों में अड़ंगा डालता आया है।

इससे पहले बुधवार को यूएन में भारतीय प्रतिनिधि सईद अकबरुद्दीन और यूएन के कुछ देशों ने आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट रुख ना होने के वजह से आलोचना की थी। अकबरूद्दी ने कहा था कि कुछ मामलों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद व्यक्तिगत और आतंकवादी संस्थाओं पर अनिवार्य प्रतिबंधित समितियां ठोस काम करने में विफल रही है और इस प्रकार के मामले भी संकीर्ण राजनीति का शिकार हो रही है।
अकबरुद्दीन के बयान का जवाब देते हुए चीन के विदेश मंत्री के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि जैश के नेता मसूद अजहर पर हमने निष्पक्ष कदम उठाया है। हुआ ने कहा कि मसूद के मामले में जो भी हमने किया है वो संकिर्ण राजनीतिक विचारधाराओं से परे है।
एक तरफ जहां भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर दिल्ली में उच्च स्तरीय वार्ता चल रही है (22 दिसंबर, 2017), वहीं सयुंक्त राष्ट्र में आतंकवाद को लेकर दोनों देशों के बीच विरोधाभास देखने को मिल रहा है। हालांकि, मसूद अजहर को लेकर चीन शुरू से ही अड़ंगा डालता आया है। चीन ने साथ में कहा कि हमने आतंकवाद को लेकर कई बार 1267 कमेटि को कई बार शालिनता से सुना है और अंतरराष्ट्रीय आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई भी की है।












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