UN में भारत ने अफगानिस्तान को लेकर किया आगाह, आतंकवाद और ड्रग्स को लेकर कही ये बात
नई दिल्ली, 17 फरवरी। अफगानिस्तान के हालात को लेकर भारत ने विश्व समुयाद को आगाह किया है। युनाइटेड नेसंश में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस त्रिमूर्ति ने सेंट्रल एशिया क्षेत्र में अफगानिस्तान में जो हो रहा है उसको लेकर आगाह किया है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में आतंकवाद और ड्रग ट्रैफिकिंग बढ़ेगी। अफगानिस्तान में तालिबान के शासन आने के बाद इस तरह के खतरें बढ़ेंगे। त्रिमूर्ति ने कहा कि अफगानिस्तान में जो भी हो रहा है उसका दुनियाभर में असर देखने को मिलेगा, संभावना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद और नशे का कारोबार बढ़े और अफगानिस्तान इसका गढ़ बने।

गौर करने वाली बात है कि यूएन में युनाइटेड नेसंश और कले्टिकव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन के बीच बेहतर समन्यव को लेकर आयोजित बहस में भारतीय प्रतिनिधि ने यह बात कही। इस ऑर्गेनाइजेशन में तजाकिस्तन, बेलारूस, अर्मेनिया, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान शामिल हैं। ऑर्गेनाइजेशन के 20 साल पूरे होने के मौके पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस दौरान बोलते हुए त्रिमूर्ति ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सेंट्रल एशिया के देशों के लिहाज से अफगानिस्तान में जो कुछ हो रहा है उसपर गंभीर रूप से विचार करने की जरूरत है।
त्रिमूर्ति ने कहा कि रीजनल और सब-रीजनल संगठनों को समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और सुरक्षा को सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए। इन संगठनों की अहम मुद्दों को सुलझाने में भूमिका काफी अहम है, खासकर कि तब जब स्थिति टकराव की ओर बढ़ रही हो। लिहाजा हम इन संगठनों और यूएन के बीच लगातार संवाद का समर्थन करते हैं,लेकिन यह संवाद यूएन के चार्टर के अनुसार हो हम इसके भी पक्षधर हैं। गौर करने वाली बात है कि अफगानिस्तान में हालात पिछले कुछ समय में बहुत ज्यादा खराब हुए हैं। जिस तरह से अफगानिस्तान में तालिबान का शासन आया है उसकी वजह से देश की संपत्ति और विदेशी मुद्रा को सस्पेंड कर दिया गया है। तालिबान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उसे मान्यता देने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। ताकि उसकी संपत्ति जो फ्रीज की गई है उसे फिर से रिलीज किया जा सके।












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