Russia Oil: रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा भारत, क्या है वो 'अतिरिक्त खरीद' जिसे अमेरिका ने बंद करने को कहा?
America on India Russia Oil Trade: म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस 2026 में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान ने एक नई बहस छेड़ दी है। जहां राष्ट्रपति ट्रंप दावा कर रहे थे कि भारत रूस से तेल खरीदना पूरी तरह बंद कर देगा, वहीं रुबियो ने इसे थोड़ा 'फिल्टर' करते हुए कहा कि भारत केवल 'अतिरिक्त' (Additional) रूसी तेल की खरीद कम करेगा।
इसका सीधा मतलब है कि अमेरिका अब भारत को जीरो रूसी तेल पर लाने के बजाय, उसे युद्ध से पहले वाले पुराने स्तर पर वापस ले जाने की कोशिश कर रहा है। भारत ने भी साफ कर दिया है कि वह अपने फैसले अपनी शर्तों पर लेगा।

ट्रंप की 'बड़ी जीत' बनाम रुबियो की 'बारीकी'
डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अपनी एक बड़ी कूटनीतिक जीत की तरह पेश किया था कि भारत रूस का साथ पूरी तरह छोड़ रहा है। लेकिन मार्को रुबियो ने म्यूनिख में इस दावे को थोड़ा स्पष्ट किया। उनका कहना है कि भारत केवल उस तेल की खरीद रोकेगा जो उसने यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद 'एक्स्ट्रा' खरीदना शुरू किया था। यानी अमेरिका अब भारत को पूरी तरह रोकने के बजाय, उसे पुराने ढर्रे पर वापस लाने की कोशिश कर रहा है ताकि रूस की कमाई कम हो सके।
ये भी पढे़ं: India US Trade Deal 2026: '...तो भारत पर लगा देंगे 43% टैरिफ', ट्रंप की 'डरावनी' शर्तों से हड़कंप
'अतिरिक्त खरीद' का असली मतलब क्या है?
युद्ध से पहले भारत अपनी जरूरत का बहुत छोटा हिस्सा (करीब 1%) रूस से लेता था, जो डिस्काउंट के चक्कर में बढ़कर 35% तक पहुंच गया। रुबियो का इशारा इसी बढ़ी हुई मात्रा की ओर है। अमेरिका चाहता है कि भारत इस 'एक्स्ट्रा' तेल के बदले अमेरिका या वेनेजुएला जैसे देशों से डील करे। रुबियो के इस बयान से लगता है कि वॉशिंगटन अब भारत की मजबूरियों को समझ रहा है और 'आर-पार' की लड़ाई के बजाय बीच का रास्ता ढूंढ रहा है।
जयशंकर का सीधा जवाब: हमारा फायदा, हमारा फैसला
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रुबियो के दावे पर सीधे टिप्पणी न करते हुए भारत की आज़ाद सोच पर जोर दिया। उन्होंने म्यूनिख में दो-टूक कहा कि तेल कंपनियां फायदा, कीमत और रिस्क देखकर ही तेल खरीदती हैं। जयशंकर का संदेश साफ था, दुनिया बदल रही है और भारत अपनी 'स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी' (रणनीतिक स्वायत्तता) से समझौता नहीं करेगा। भारत वहीं से तेल खरीदेगा जहां से उसे सस्ता और सुरक्षित मिलेगा, चाहे वह रूस हो या अमेरिका।
ये भी पढे़ं: India US Trade Deal: झुक गया व्हाइट हाउस! आधी रात को बदली ट्रेड डील की शर्तें, भारत की बहुत बड़ी जीत
रूस का स्टैंड और जमीनी हकीकत
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिकी दावों को यह कहकर खारिज कर दिया कि भारत ने उन्हें ऐसा कोई संदेश नहीं दिया है। सच तो यह है कि भारत के लिए रूसी तेल अभी भी काफी सस्ता पड़ रहा है। हालांकि, अमेरिकी कच्चे तेल की हिस्सेदारी भी भारत के कुल आयात में बढ़कर 10% हो गई है। भारत बड़ी चतुराई से दोनों तरफ बैलेंस बना रहा है, अमेरिका को व्यापार का भरोसा दे रहा है और रूस के साथ अपने पुराने संबंधों को भी आंच नहीं आने दे रहा।
-
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’ -
US Iran War: ईरान ने की Trump की घनघोर बेइज्जती, मिसाइल पर फोटो, लिखी ऐसी बात कि लगेगी मिर्ची- Video -
Iran America War: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से की बात,किन मुद्दों पर हुई बात -
Trump PM Modi Talks: 'होर्मुज' तेल के रास्ते पर ट्रंप ने PM मोदी से क्या-क्या कहा? US-Iran तनाव के बीच मंथन -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
US Iran War: रूस में इलाज करा रहे Mojtaba Khamenei? तो फिर कौन चला रहा ईरान कीे सत्ता? Mossad को क्या पता चला? -
US-Iran War में फंसे Trump! “न जीत पा रहे, न छोड़ पा रहे जंग”, Ex CIA चीफ ने दिए अमेरिका की हार के बड़े संकेत! -
Iran Vs America War: परमाणु ठिकाने, हॉर्मुज की नाकेबंदी और सम्मान की जंग! ईरान क्यों नहीं चाहता युद्ध खत्म हो? -
Iran-America War: 'दुनिया युद्ध की आग में, पर भारत बेखौफ', मिडिल ईस्ट संकट पर पीएम मोदी का बड़ा बयान -
Texas Refinery Blast: कैसे हुआ अमेरिका की सबसे बड़ी रिफाइनरी में धमाका? ईरान से जंग के बीच फैला पैनिक!- Video -
North Korea: इधर सब US-Iran जंग में उलझे रहे, उधर Kim Jong Un ने अमेरिका में घुसा दिए कई जासूस, क्या चुराया? -
Iran Israel War: क्या 9 अप्रैल को खत्म हो जाएगा ईरान-इजरायल युद्ध? ट्रंप के दावे का क्या है मतलब?












Click it and Unblock the Notifications