Iran Vs America War: मोदी का मास्टरस्ट्रोक! पश्चिम एशिया में तनाव के बीच 1,171 भारतीयों का 'महा-रेस्क्यू'
Iran Vs America War: विदेश मंत्रालय ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती सक्रियता और अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नीदरलैंड और पुर्तगाल के नेताओं से बात कर द्विपक्षीय संबंधों और पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात पर चर्चा की, वहीं दूसरी ओर सरकार ने संकटग्रस्त क्षेत्रों से भारतीयों को निकालने के अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के सहयोग से अब तक 1,171 भारतीय नागरिकों, जिनमें भारी संख्या में छात्र शामिल हैं, को सुरक्षित सुरक्षित निकाला जा चुका है।

नीदरलैंड के साथ मजबूत होते रिश्ते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन से टेलीफोन पर बातचीत की। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और आपसी सहयोग को और अधिक गहरा करना था। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और नीदरलैंड की साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस संवाद ने भविष्य के लिए नए रणनीतिक रास्तों को खोलने का काम किया है।
पश्चिम एशिया के संकट पर मंथन
दुनिया के इस अशांत हिस्से में शांति बहाली भारत की प्राथमिकता रही है। प्रधानमंत्री मोदी और पुर्तगाल के विदेश मंत्री के साथ चर्चा के दौरान भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि क्षेत्र में स्थिरता के लिए हिंसा का रुकना जरूरी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे शांति के लिए कूटनीतिक रास्तों का समर्थन करें। भारत का यह रुख दिखाता है कि वह एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।
पुर्तगाल के साथ कूटनीतिक संवाद
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पुर्तगाल के विदेश मंत्री पाउलो रेंगेल के बीच हुई बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ वैश्विक संघर्षों पर भी विचार साझा किए गए। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि मौजूदा युद्ध जैसी स्थितियों का समाधान केवल संवाद से ही संभव है। यह बातचीत यूरोप के साथ भारत के बढ़ते कूटनीतिक तालमेल का एक अच्छा उदाहरण है, जिससे आने वाले समय में नए समझौते होने की उम्मीद है।
भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी
सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि ईरान से अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालना रही है। दूतावास की मदद से 1,171 भारतीयों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। इनमें 818 छात्र शामिल हैं जिन्हें ईरान की ज़मीनी सीमा से आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते निकाला गया। यह बचाव कार्य दिखाता है कि भारत सरकार संकट के समय दुनिया के किसी भी कोने में फंसे अपने नागरिकों की मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।












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