US का ग्लोबल पार्टनर है भारत, पाकिस्तान क्षेत्रीय सहयोगी रहेगा, पाकिस्तानी मीडिया से बोला अमेरिका

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के बयानों में, अमेरिकी अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि वे अब पाकिस्तान को भारत या अफगानिस्तान के नजरिए से नहीं देखते हैं।

India-US Tie: अमेरिका ने कहा है कि, पाकिस्तान अमेरिका का एक क्षेत्रीय सहयोगी रहेगा, जबकि भारत अमेरिका का ग्लोबल पार्टनर है। अमेरिका ने परमाणु संपन्न दोनों दक्षिण एशियाई देशों के साथ अपने रिश्तों को लेकर नई व्याख्या जारी की है। भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार रहने वाले तनाव की वजह से अमेरिका के लिए कई बार दोनों देशों के बीच सामंजस्य बिठाना मुश्किल हो जाता है, लिहाजा भारत और पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को लेकर अमेरिका बार बार स्पष्टीकरण देता रहता है, लेकिन इस बार अमेरिका की तरफ से रिश्तों को लेकर नये सिरे से व्याख्या की गई है।

भारत-Pak रिश्तों पर बोला US

भारत-Pak रिश्तों पर बोला US

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने नई दिल्ली के साथ वाशिंगटन के संबंधों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, "भारत न केवल क्षेत्र में, बल्कि दुनिया भर में संयुक्त राज्य अमेरिका की साझा प्राथमिकताओं से संबंधित एक अमूल्य भागीदार है।" रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन लगातार संपर्क में बने हुए हैं और कई अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर साथ काम कर रहे हैं। यूएस-पाकिस्तान संबंधों पर डॉन रिपोर्टर के पूछे गये एक सवाल के उत्तर में विदेश विभाग के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि, "संयुक्त राज्य अमेरिका पाकिस्तान के साथ दीर्घकालिक सहयोग को महत्व देता है और हमेशा एक समृद्ध और लोकतांत्रिक पाकिस्तान को अमेरिकी हितों के लिए महत्वपूर्ण मानता है।" अमेरिका ने पाकिस्तान के सामने यह भी साफ किया, कि पाकिस्तान की अंदरूनी राजनीति अमरिका के साथ रिश्तों को प्रभावित नहीं करते हैं, क्योंकि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के दीर्घकालिक रिश्ते में कोई परिवर्तन नहीं आया है।

US के लिए बदला पाकिस्तान का महत्व

US के लिए बदला पाकिस्तान का महत्व

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के बयानों में, अमेरिकी अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि वे अब पाकिस्तान को भारत या अफगानिस्तान के नजरिए से नहीं देखते हैं। इसके बजाय, वे भारत, चीन, ईरान और अफगानिस्तान जैसे कुछ प्रमुख देशों के साथ पाकिस्तान को भी एक महत्वपूर्ण देश के रूप में स्वीकार करते हैं, जिसकी आबादी 22 करोड़ है और जिसके पास परमाणु टेक्नोलॉजी है।

'एशिया का नया शक्ति है भारत'

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने अब भारत को एक अलग लीग में रखना शुरू कर दिया है और इस साल जी20 की अध्यक्षता मिलने के बाद अमेरिका अब भारत को एशिया का नया शक्ति मानने लगा है। पिछले हफ्ते सीएनएन की एक रिपोर्ट में कहा गया है, कि "जी20 प्लेटफॉर्म पर भारत को इस साल की अध्यक्षता दी गई है और जी20 मंच पर रूस की खुले तौर पर आलोचना की गई है, जिसमें पीएम मोदी के 'युद्ध का युग नहीं है' बयान को भी शामिल किया गया है और ये एशिया में एक नई शक्ति के उदय को दर्शाती है और ये शक्ति चीन नहीं, बल्कि भारत है।" इससे पहले इंडोनेशिया में G20 शिखर सम्मेलन से कुछ दिन पहले अमेरिका के विदेश सचिव ब्लिंकन ने नोम पेन्ह में भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की थी और इस दौरान उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि, "हम अपने पार्टनरशिप को विस्तार देने और यूक्रेन युद्ध के प्रभावों को कम करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि, "अमेरिका भारत की जी20 अध्यक्षता का समर्थन करता है।"

'चीन पर अलग-अलग विचार'

'चीन पर अलग-अलग विचार'

हडसन इंस्टीट्यूट द्वारा प्रकाशित एक हालिया रिपोर्ट में दक्षिण एशियाई मामलों के 10 अमेरिकी विद्वानों ने कहा है, कि पिछले दशक में अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों के कई पहलू बदल गए हैं। विद्वानों का मानना है कि, "सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिका-इंडिया काफी करीबी पार्टनर बनकर उभरे हैं, और चीन और अमेरिका के बीच एक सहकर्मी प्रतिद्वंद्विता विकसित हो रही है।" लेखकों का ये भी कहना है, कि "रूस और चीन के साथ अमेरिका का एक जियोस्ट्रैटिजिक प्रतियोगिता है, जिसमें पाकिस्तान और अफगानिस्तान शामिल हैं ... एक स्थायी यूएस-पाकिस्तान संबंध की नींव रखने का एक उपयुक्त क्षण हो सकता है"। लेकिन, भारत के साथ अमेरिका के संबंध अब नये स्तर पर जाएंगे और पाकिस्तान अमेरिका का 'बस एक दोस्त' होकर रह जाएगा।

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