UNGA में पीएम मोदी बोले- भारत ने दुनिया की पहली DNA वैक्सीन विकसित कर ली है
न्यूयॉर्क, 25 सितंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 76 वें सत्र को संबोधित किया। इस दौरान वे कोरोना महामारी, आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और कोरोना वैक्सीन जैसे मुद्दों को उठाया। यूएन में पीएम मोदी ने कहा कि, हमारी विविधता, हमारे सशक्त लोकतंत्र की पहचान है। एक ऐसा देश जिसमें दर्जनों भाषाएं हैं, सैकड़ों बोलियां हैं, अलग-अलग रहन सहन, खान-पान है। ये वाइब्रेंट डेमोक्रेसी का उदाहरण है।

Recommended Video
पीएम मोदी ने कहा कि, भारत में हो रहे साइंस और टेक्नॉलजी आधारित इनोवेशन्य विश्व की बहुमत मदद कर सकते हैं। हमारे यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) आज भारत में हर महीने 350 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। भारत का वैक्सीन डिलीवरी प्लैटफॉर्म कोविन एक ही दिन में करोड़ों वैक्सीन डोज लगाने के लिए डिजिटल सपोर्ट दे रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कोरोना वैक्सीन का भी जिक्र किया।
पीएम मोदी ने कहा कि, मैं यूएनजीए को ये जानकारी देना चाहता हूं कि भारत ने दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन विकसीत कर ली है। जिसे 12 साल से ज्यादा आयु के सभी लोगों को लगाया जा सकता है। मैं आज दुनिया भर के वैक्सीन मैन्युफैक्चर्स को भी आमंत्रित करता हूं कि आइए और भारत में वैक्सीन बनाइए। बता दें कि, इस वैक्सीन को जायडस कैडिला ने विकसित किया है। इस वैक्सीन को ZyCov-D नाम दिया गया है।
जाइकोव-डी डीएनए आधारित कोरोना वायरसरोधी दुनिया का पहला टीका है। इसके अनुसार टीके की तीन खुराक दिए जाने पर यह सार्स-सीओवी -2 वायरस के स्पाइक प्रोटीन का उत्पादन करता है जो बीमारी तथा वायरस से सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसकी एक खासियत यह भी है कि इसे बिना सुई की मदद से फार्माजेट तकनीक से लगाया जाएगा, जिससे साइड इफेक्ट के खतरे कम होते हैं। बिना सुई वाले इंजेक्शन में दवा भरी जाती है, फिर उसे एक मशीन में लगाकर बांह पर लगाया जाता है। मशीन पर लगे बटन को क्लिक करने से टीका की दवा अंदर शरीर में पहुंच जाती है।












Click it and Unblock the Notifications