ग्रीक पीएम मित्सोटाकिस ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया सच्चा दोस्त, कहा- आतंकवाद पर भारत-ग्रीस की चिंताएं समान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ग्रीस के प्रधानमंत्री क्यारीकोस मित्सोटाकिस के बीच आज दिल्ली में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने प्रेस वार्ता में ग्रीक पीएम और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उन्होंने 16 वर्षों बाद किसी ग्रीक प्रधानमंत्री का भारत आने को एक ऐतिहासिक उत्सव करार दिया।
इसके पहले प्रधानमंत्री कोस्टास करमनलिस जनवरी 2008 में भारत आए थे। ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस ने कहा कि वे 2028-29 के लिए UNSC में भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करते हैं। वे संयुक्त राष्ट्र में सुधार के लिए बॉर्डर डायलॉग का भी समर्थन करते हैं।

बता दें कि भारत और ग्रीस ने बुधवार को रक्षा विनिर्माण से लेकर व्यापार और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और प्रवासन और गतिशीलता समझौते को तेजी से अंतिम रूप देने पर सहमति व्यक्त की है।
मोदी ने अपने मीडिया बयान में कहा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और ग्रीस की चिंताएं और प्राथमिकताएं समान हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा, "हम 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य के लिए तेजी से अग्रसर हैं। हमने अपने सहयोग को नई ऊर्जा और दिशा देने के लिए कई नए अवसरों की पहचान की है।"
पीएम मोदी ने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास को दर्शाता है। इस क्षेत्र में काम करने के लिए वर्किंग ग्रुप का गठन किया गया है। इससे हम रक्षा, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद और समुद्री सुरक्षा जैसी आम चुनौतियों में सहयोग बढ़ा सकते हैं। हम दोनों देशों के रक्षा क्षेत्रों को जोड़ने पर सहमत हुए हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत इंडो-पेसिफिक में ग्रीस की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक भूमिका का स्वागत करता है। यह खुशी की बात है कि ग्रीस ने इंडो-पेसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव में शामिल होने का फैसला किया है। हम इस बात पर सहमत हैं कि सभी विवादों और तनावों को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से हल किया जाना चाहिए।
भारत इंडो पेसिफिक में स्थिरता और सुरक्षा के मुख्य स्तंभों में से एक है। अगले साल भारत और ग्रीस के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे हो जाएंगे।
पीएम मोदी ने ये भी कहा कि दो पुरानी और महान सभ्यताओं के तौर पर भारत और ग्रीस के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का एक लंबा इतिहास है। 2500 सालों तक दोनों देशों के लोग व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों के साथ ही आइडियाज भी एक्सचेंज करते आए हैं। हमने इन संबंधों को आधुनिक बनाने के लिए कई नई पहलों पर सहमति बनाई है।
ग्रीक पीएम ने कहा कि ग्रीस दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र है और भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है। ग्रीस और भारत कई मायनों में एक दूसरे के करीब हैं। हमारे साझा मूल्य उस पुल के रूप में काम करते हैं जो हमें करीब लाता है।
हम दोनों देश एक-दूसरे के साथ साझेदारी बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। पिछले साल दोनों देशों के बीच कृषि और रक्षा के क्षेत्रों में समझौते हुए थे। इस साल हम माइग्रेशन को लेकर समझौते पर काम कर रहे हैं। यह अवैध प्रवासियों को रोकने और मानव तस्करी से लड़ने जैसे मुद्दों पर हमारे सहयोग को मजबूत करेगा।
इसके साथ ही इससे युवा भारतीयों को ग्रीस आकर काम करने और हमारी अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देने के नए अवसर मिलेंगे।












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