भारत ने UK के साथ नहीं रोकी व्यापार वार्ता, विदेश मंत्रालय ने ब्रिटिश अखबार की रिपोर्ट को बताया ‘बेबुनियाद'
द टाइम्स ने यूके की सरकार के सूत्रों के हवाले से खबर छापी है कि भारत ने ब्रिटेन के साथ होने वाली व्यापार वार्ता को रोक दिया है।

ब्रिटिश अखबार द टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने ब्रिटेन के साथ जारी मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत को रोक दिया है। हालांकि विदेश मंत्रालय ने सोमवार को ब्रिटिश अखबार द टाइम्स की उस रिपोर्ट को 'निराधार' करार दिया है जिसमें भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार वार्ता को रोकने का दावा किया गया था।
द टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत इस वार्ता को तब तक दोबारा शुरू नहीं करेगा जब तक कि सुनक सरकार की तरफ से भारतीय उच्चायोग पर हमले करने वाले सिख चरमपंथियों की आलोचना करने वाला बयान सार्वजनिक तौर पर जारी नहीं किया जाता।
आपको बता दें कि बीते महीने 19 मार्च को लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में सिख चरमपंथी घुस गए थे। ये चरमपंथी दूतावास की पहली मंजिल तक पहुंच गए थे। इस दौरान इन्होंने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को निकालकर फेंक दिया था। चरमपंथियों ने इसकी जगह खालिस्तान का झंडा लगा दिया था।
इस घटना के बाद भारत ने ब्रिटेन के सामने भी अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने पिछले महीने कहा था कि वह विदेशों में अपने मिशनों में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद करता है और उम्मीद करता है कि मेजबान सरकार आश्वासन देने के बजाय इन घटनाओं में शामिल लोगों पर मुकदमा चलाएगी।
19 मार्च को लंदन में हुई इस घटना के बाद सिख चरमपंथियों ने फिर से इस घटना को दोहराने की कोशिश की मगर सुरक्षाकर्मियों ने इसे नाकाम कर दिया। हालांकि इस घटना के बाद भारत और यूके के रिश्तों में खटास आने की बात कही जा रही है।
इस घटना से पहले बीबीसी की तरफ से आई डॉक्यूमेंट्री ने भी दोनों देशों में काफी बवाल मचाया था। यह डॉक्यूमेंट्री भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आधारित थी। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब द टाइम्स ने भारत-ब्रिटेन व्यापार डील को लेकर ऐसा दावा किया है।
बीते साल अक्टूबर में गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने ब्रिटेन में भारतीय प्रवासियों को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने भारत के साथ खुली सीमा की नीति को लेकर चिंताएं जताई थीं। इस दौरान भी ब्रिटिश अखबार द टाइम्स ने ऐसा ही दावा किया था।
उल्लेखनीय है कि भारत-यूके के बीच मुक्त व्यापार समझौता को लेकर सात दौर की बातचीत हो चुकी है। यह माना जा रहा था कि 2023 में यह बातचीत खत्म हो जाएगी और एग्रीमेंट साइन कर लिया जाएगा। इन समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ने की संभावना है।












Click it and Unblock the Notifications