UAE के राष्ट्रपति के निधन पर भारत में एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा, मोदी सरकार का ऐलान
शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान का जन्म 7 सितंबर 1948 को अल ऐन के अल मुवाईजी किले में हुआ था और उनके पिता का नाम शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान थे...
नई दिल्ली, मई 14: यूएई के राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान के निधन के बाद भारत ने शनिवार को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस बाबत एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि, दिवंगत गणमान्य यूएई के राष्ट्रपति के सम्मान में भारत सरकार ने फैसला किया है कि पूरे देश में 14 मई को एक दिन का राजकीय शोक रहेगा।

भारत में एक दिन का राष्ट्रीय शोक
शोक के दिन भारत का राष्ट्रीय ध्वज उन सभी भवनों पर आधा झुका रहेगा जहां इसे नियमित रूप से फहराया जाता है और कोई आधिकारिक मनोरंजन नहीं होगा। आपको बता दें कि, लंबे समय से बीमार चल रहे शेख खलीफा का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 73 वर्ष के थे। वह संयुक्त अरब अमीरात के संस्थापक राष्ट्रपति शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान के सबसे बड़े बेटे थे।
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साल 1948 में हुआ था जन्म
शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान का जन्म 7 सितंबर 1948 को अल ऐन के अल मुवाईजी किले में हुआ था और उनके पिता का नाम शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान थे, जिन्हें संयुक्त अरब अमीरात का संस्थापक माना जाता है। उनकी मां शेखा हेसा बिन्त मोहम्मद बिन खलीफा बिन जायद अल नाहयान थीं। उनका पूरा नाम खलीफा बिन जायद बिन सुल्तान बिन जायद बिन खलीफा बिन शखबाउट बिन थेआब बिन इस्सा बिन नाहयान बिन फलाह बिन यास था। उन्होंने अल ऐन में अपने पिता द्वारा निर्मित शहर के पहले स्कूल में अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की। वह अपने पिता स्वर्गीय शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान से बहुत प्रभावित थे।

2004 में बने यूएई के राष्ट्रपति
शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान, संयुक्त अमीरात के पहले राष्ट्रपति शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान के बेटे थे और साल 2004 में उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के अध्यक्ष के तौर पर गद्दी संभाली थी। 1948 में जन्मे शेख खलीफा यूएई के दूसरे राष्ट्रपति और अबू धाबी अमीरात के 16वें शासक थे। वह शेख जायद के सबसे बड़े बेटे थे। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति बनने के बाद से, शेख खलीफा ने संघीय सरकार और अबू धाबी की सरकार दोनों के एक बड़े पुनर्गठन की अध्यक्षता की है। उनके शासनकाल में, संयुक्त अरब अमीरात ने एक त्वरित विकास देखा है जिसने देश को घर बुलाने वाले लोगों के लिए सभ्य जीवन सुनिश्चित किया है।

भारत-यूएई संबंध
आपको बता दें कि, पिछले कुछ सालों में भारत और यूएई के बीच संबंध ऐतिहासिक स्तर पर मजबूत हुए हैं और अमेरिका को पीछे कर भारत, यूएई का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया है और दोनों देशों ने 2030 तक 100 अरब डॉलर तक व्यापार को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इसी साल फरवरी महीने में भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापारिक व्यापार को 100 अरब डॉलर तक बढ़ाने के उद्देश्य से एक कॉम्प्रिंहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीईपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं। पिछले कुछ सालों में भारत और संयुक्त अरब अमीरात काफी करीब आए हैं और अभी तक यूएई का सिर्फ चीन के साथ ही 100 अरब डॉलर से ज्यादा का द्विपक्षीय व्यापार था, लेकिन पिछले साल आखिरी महीनों में भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए यूएई का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया।












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