चीन ने गोगरा और हॉट स्प्रिंग खाली करने से किया इनकार, कहा- जो मिला उसी में खुश हो जाए भारत

चीन ने एलएसी पर गोगरा और हॉट स्प्रिंग से पीछे हटने से इनकार कर दिया है। वहीं भारतीय सेना फिंगर-8 के पास पेट्रोलिंग के लिए नहीं जा पा रही है।

नई दिल्ली, अप्रैल 18: धोखेबाज चीन से आप किसी भी ईमानदारी की उम्मीद नहीं कर सकते हैं और चीन ने एक बार फिर से अपनी अकड़ भारत को दिखानी शुरू कर दी है। चीन ने दो बेहद महत्वपूर्ण इलाके गोगरा और हॉट स्प्रिंग खाली करने से साफ इनकार कर दिया है। चीन ने सिर्फ इनकार ही नहीं किया है, चीन ने भारत के सामने ये भी कहा है कि अब तक की बातचीत में भारत को जो मिल गया है, उससे भारत को खुश हो जाना चाहिए। भारत और चीन की सैनिकों के बीच 11 दौर की बातचीत हो चुकी है, और संडे एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने गोगरा और हॉट स्प्रिंग क्षेत्र को खाली करने से मना कर दिया है।

चीन की अकड़

चीन की अकड़

संडे एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 9 अप्रैल को भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों की कॉर्प्स कमांडर लेवल की आखिरी बारा बातचीत हुई थी, जिसमें चीन ने अपनी सेना को और पीछे हटाने से साफ इनकार कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सैनिकों ने हॉट स्प्रिंग और गोगरा पोस्ट से हटने से तो इनकार किया ही है, इसके साथ ही डेपसांग प्लेन्स अभी भी दोनों देशों के बीच संघर्ष का प्रमुख बिंदु बना हुआ है। हालांकि, कई दौर की बातचीत के बाद अभी तक भारत और चीन की सेना अपने अपने हथियार और निर्माण के साथ पैंगोंग सो झील के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से और कैलाश रेंज को फरवरी में ही खाली कर चुकी है।

बात से पलटा चीन

बात से पलटा चीन

संडे एक्सप्रेस ने उच्च सूत्रों के हवाले से बड़ा दावा किया है। संडे एक्सप्रेस को चीन के साथ बातचीत की पूरी प्रक्रिया में पिछले साल अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारी ने कहा है कि हॉट स्प्रिंग और गोगरा के पेट्रोलिंग प्वाइंट 15, पीपी-17ए से चीनी सैनिकों ने पीछे हटने से साफ मना कर दिया है। उच्च सूत्रों ने दावा किया कि पहले चीन की सेना इन इलाकों को खाली करने के लिए तैयार हो गई थी, मगर बाद में चीनी सैनिकों ने गोगरा और हॉट स्प्रिंग को खाली करने से इनकार कर दिया। संडे एक्सप्रेस ने दावा किया है कि आखिरी बातचीत में चीन की तरफ से भारत को कहा गया है कि 'जो मिल गया उसी में खुश हो जाना चाहिए'

भारतीय क्षेत्र में घुसे हैं चीनी सैनिक!

भारतीय क्षेत्र में घुसे हैं चीनी सैनिक!

संडे एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक गोगरा और हॉट स्प्रिंग के पीपी-15 और पीपी-17ए में चीनी सैनिकों की संख्या में हालांकि कमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन की सैनिकों की संख्या 'कंपनी स्ट्रेंथ' से कम होकर 'प्लाटून स्ट्रेंथ' तक पहुंच गई है। इंडियन आर्मी के एक प्लाटून में करीब 30 से 32 सैनिक होते हैं, वहीं एक कंपनी में करीब 100 से 120 जवान शामिल होते हैं। संडे एक्सप्रेस ने एक इंडियन हाईसोर्स के हवाले से दावा किया है कि चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र के अंदर काफी अंदर तक घुसे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इन इलाकों में पेट्रोलिंग के लिए कंक्रीट रास्ता नहीं है बल्कि इन इलाकों में अस्थाई रास्तों का निर्माण किया गया है। वहीं, संडे एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अभी पैंगोंग सो के फिंगर-4 और फिंगर-8 में दोनों देशों की सेना ने पेट्रोलिंग रोक रखी है। वहीं, सूत्रों के मुताबिक भारतीय सैनिक अब फिंगर-8 के पास नहीं जा पा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक फिंगर-8 को एलएसी माना जाता है जहां अब भारतीय सैनिक पेट्रोलिंग के लिए नहीं जा पा रहे हैं। हालांकि, देपसांग प्लेन्स में स्थिति चीनी सैनिकों से झड़प होने की पहली स्थिति में हो गई है लेकिन बावजूद इसके भारतीय सैनिक 2013 की स्थिति को नहीं बना पाई है। 2013 से पहले भारतीय सैनिक पूरे क्षेत्र में पेट्रोलिंग करती थी लेकिन अब भारतीय सैनिक उन हिस्सों में नहीं जा पा रही है। वहीं सूत्रों के मुताबिक, चीन के साथ बॉर्डर विवाद को लेकर होने वाली बातचीत में इस हिस्से को भी अब शामिल कर लिया गया है।

चीन ने बनाई बढ़त!

चीन ने बनाई बढ़त!

संडे एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बड़ा दावा करते हुए लिखा है कि देपसांग इलाके में इस बार कुछ नहीं हुआ है बल्कि देपसांग की समस्या 2013 से पहले की है। 2013 से पहले से ही भारतीय सैनिक देपसांग में पेट्रोलिंग के लिए नहीं जा पा रहे थे और चीनी सैनिक बार बार भारतीय सैनिकों की पेट्रोलिंग को रोक रहे थे। सूत्रों ने बताया कि चीनी सैनिक हर दिन भारतीय सैनिकों के रास्ते को बंद करने के लिए आ जाते थे। सूत्र ने संडे एक्सप्रेस को बताया कि 'हमें ये समझना होगा कि, जहां तक स्थिति कंट्रोल करने की बात है, हम पूरे इलाके में मजबूत स्थिति में नहीं हैं,'। सूत्र ने संडे एक्सप्रेस को आगे बताया कि 'हम अपनी पेट्रोलिंग लिमिट्स तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, हम पहले कई एस्सेस प्वाइंट्स और पेट्रोलिंग प्वाइंट्स पर जाया करते थे और कई पेट्रोलिंग प्वाइंट्स तक हमने पेट्रोलिंग ट्रैक्स भी तैयार किया था, लेकिन 2013 के बाद चीन ने ट्रैक बनाने का काम तेजी से शुरू कर दिया, उनके पासे पेट्रोलिंग के लिए काफी ज्यादा सुविधा है, उन्होंने अच्छे रास्तों का निर्माण कर लिया है और अब वो इंडियन आर्मी की पेट्रोलिंग को रोक रहे हैं'

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