पाकिस्तान में भड़की गृहयुद्ध की आग, इमरान खान ने फेसबुक-ट्विटर समेत सोशल मीडिया पर लगाया प्रतिबंध

पाकिस्तान में गृहयुद्ध जैसे हालात, इमरान खान सरकार ने सभी सोशल मीडिया पर बैन लगाया।

इस्लामाबाद, अप्रैल 16: कट्टरपंथियों ने पाकिस्तान में गृहयुद्ध को भड़का दिया है और उस आग को बुझाने में पाकिस्तान की इमरान खान सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। पाकिस्तान के एक दो नहीं बल्कि दर्जनों जिलों में भयानक हिंसा भड़की हुई है, जिसे रोकने में इमरान खान सरकार फेल हो रही है। अब इमरान खान ने हिंसा रोकने के लिए पाकिस्तान में बोलने की आजादी पर प्रतिबंध लगा दिया है। पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया गया है।

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    सोशल मीडिया पर बैन

    सोशल मीडिया पर बैन

    पाकिस्तान सरकार ने फेसबुक, ट्विटर समेत तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगा दिया है। ये प्रतिबंध आज सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक के लिए लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, वाट्सएप और टेलीग्राम पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। पाकिस्तानी गृहमंत्रालय ने पूर देश में 3 बजे तक के लिए तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पाबंदी लगाने का ऐलान किया है। पाकिस्तान सरकार द्वारा जारी किए गये बयान के मुताबिक 'सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जिसमें फेसबुक, टेलीग्राम, वाट्सएप, यूट्यूब पर प्रतिबंध लगाया गया है। ये प्रतिबंध शाम 3 बजे तक के लिए है'। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में हिंसा की हवा को और बढ़ाई जा रही है। दरअसल, पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने पिछले साल सोशल मीडिया के लिए एक कानून प्रिवेंशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक क्राइम एक्ट 2016 बनाया था, जिसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया गया है।

    हिंसा रोकने में नाकाम सरकार

    हिंसा रोकने में नाकाम सरकार

    फ्रांस के मुद्दे पर पाकिस्तान में गृहयुद्ध छिड़ गया है और इमरान खान सरकार ने कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेक दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान का एक भी ऐसा शहर नहीं बचा है जहां प्रदर्शन नहीं हो रहा हो। वहीं बड़े शहरों में कट्टरपंथियों द्वारा भयानक उत्पात मचाया जा रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें देखा जा रहा है कि पाकिस्तान के कट्टरपंथी निहत्थे पुलिसवालो को अपना निशाना बना रहे हैं। वहीं कई वीडियो में ये भी देखा गया है कि कट्टरपंथी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं एक वीडियो में सेना के कुछ जवानों को भी जिहादी भाषा बोलते हुए देखा गया था। लाहौर, कराची, इस्लामाबाद पाकिस्तान के प्रसिदध शहर हैं लेकिन ये तीनों शहर सबसे ज्यादा हिंसा से प्रभावित शहर हैं। पाकिस्तान में कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान यानि टीएलपी पूरे देश में फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। ये चरमपंथी संगठन सरकार से फ्रांस से हर तरह के ताल्लुकात खत्म करने के लिए दबाव बना रही है। वहीं, पुलिस ने तहरीक-ए-लब्बैक के सरगना मौलाना साद रिजवी को गिरफ्तार कर लिया है और माना जा रहा है कि इस संगठन को इमरान खान सरकार पर आतंकी संगठन घोषित कर सकती है।

    तहरीक-ए-लब्बैक पर प्रतिबंध

    इमरान खान सरकार ने तहरीक-ए-लब्बैक को प्रतिबंधित संगठन तो घोषित कर दिया है लेकिन अभी तक इसे आतंकी संगठन घोषित नहीं किया गया है। पाकिस्तान सरकार ने पूर देश में हिंसा फैलाने के आरोप में आतंकवाद अधिनियम के तहत तहरीक-ए-लब्बैक को प्रतिबंधित कर दिया है। आपको बता दें कि तहरीक-ए-लब्बैक के नाम पर पाकिस्तान में गृहयुद्ध छिड़ा हुआ है और लाखों लोग सड़क पर उतरे हुए हैं। लोग कट्टरपंथी मौलाना साद रिजवी को रिहा करने की मांग कर रहे हैं।

    पाकिस्तान छोड़े फ्रांसीसी नागरिक- फ्रांस

    उधर, फ्रांस की सरकार ने पाकिस्तान में रहने वाले फ्रांसीसी नागरिकों को तत्काल देश छोड़ देने की सलाह दी है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थिति फ्रासीसी दूतावास ने एक ईमेल के जरिए अपने नागरिकों को फौरन पाकिस्तान छोड़ देने के लिए कहा है। फ्रांस सरकार ने अपने नागरिकों से कहा है कि उनके ऊपर पाकिस्तान में जानलेवा खतरा मंडरा रहा है, लिहाजा पाकिस्तान के किसी भी हिस्से में रहने वाले फ्रांसीसी नागरिक पाकिस्तान को छोड़कर या तो वापस फ्रांस आ जाए या फिर फौरन किसी और देश चले जाएं। वहीं, पाकिस्तान में हिंसा की वजह से अबतक सात से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

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