इमरान खान से जेल में खतरनाक कैदियों की तरह सलूक, पूर्व PAK कप्तान से मुलाकात की इजाजत नहींं
Imran Khan News: पाकिस्तान को इकलौता क्रिकेट वर्ल्ड कप दिलाने वाले पूर्व कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ शहबाज शरीफ की सरकार खतरनाक कैदियों की तरह व्यवहार कर रही है और जेल के अंदर, उन्हें किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं दी गई है।
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले इमरान खान को C कैटोगिरी जेल में रखा गया था, लेकिन अब सरकार ने कहा है, कि इमरान खान को B कैटोगिरी के बैरक में रखा गया है, लेकिन उनके वकीलों का दावा है, कि इमरान खान को कोई सुविधा नहीं दी गई है और उनसे किसी को भी मिलने नहीं दिया जा रहा है।

भ्रष्टाचार के एक मामले में 3 साल की सजा पाने के बाद अटक जेल में बंद किए गये पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान को रविवार को पंजाब जेल विभाग द्वारा बी श्रेणी की सुविधाएं दी गईं हैं, लेकिन उनके वकीलों और पार्टी ने दावा किया है, कि उन्हें जेल प्रशासन ने इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं दी गई है।
पाकिस्तानी अखबार ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है, कि इमरान खान को अटक जेल में शिफ्ट करने की योजना के बारे में जेल अधिकारियों को 'बिल्कुल अंधेरे में' रखा गया था। सूत्रों ने कहा है, कि वे उम्मीद कर रहे थे, कि पूर्व प्रधानमंत्री को अदियाला जेल ले जाया जाएगा, लेकिन उन्हें योजना में बदलाव के बारे में तब पता चला, जब पीटीआई अध्यक्ष को अटक जेल के बाहर लाया गया।
इमरान से खतरनाक कैदियों की तरह व्यवहार
इस बीच, कानूनी मामलों पर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) अध्यक्ष इमरान खान के सहयोगी नईम हैदर पंजोथा ने कहा, कि जेल को उनके वकीलों या स्थानीय लोगों के लिए 'नो-गो' क्षेत्र में बदल दिया गया है।
कानूनी टीम ने कहा, कि वे इमरान खान से संपर्क करके उन्हें कपड़े, भोजन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराना चाहते हैं, और उनके हस्ताक्षर भी लेना चाहते हैं। लेकिन, जेल अधिकारियों ने पीटीआई अध्यक्ष से मिलने की अनुमति नहीं दी और वकीलों को पावर ऑफ अटॉर्नी लेने के लिए सोमवार को वापस आने को कहा।
एक वकील ने कहा, कि "हमने उनसे कहा, कि विभिन्न आवेदनों को आगे बढ़ाने और विभिन्न (अदालत) आदेशों को चुनौती देने के लिए हमें पावर ऑफ अटॉर्नी के साथ-साथ इमरान खान से कई आधिकारिक दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर लेने हैं, लेकिन उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है।"
पीटीआई के प्रवक्ता रऊफ हसन ने डॉन को बताया, कि कानूनी टीम को इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं दी गई और जेल प्रशासन ने "मुलाकात की अनुमति देने से सीधे इनकार कर दिया"।
बी-क्लास सुविधाएं
एक वरिष्ठ जेल अधिकारी ने कहा, कि इमरान खान को पाकिस्तान जेल नियम 1978 के तहत 'दोषी कैदी' को प्रदान की जाने वाली सभी सुविधाओं का आनंद लेने की अनुमति दी गई है।
उन्होंने कहा कि नियमों के तहत कैदियों को श्रेष्ठ, सामान्य और राजनीतिक वर्ग में क्लासीफाइड किया गया है।
जेल अधिकारी ने कहा, कि बी-क्लास के तहत, पीटीआई अध्यक्ष इमरान खान को किताबें, पसंद के समाचार पत्र, एक टेबल, एक कुर्सी, एक 21 इंच का टेलीविजन, एक गद्दा, कपड़े और जेल का खाना दिया गया है।
इसके साथ ही उन्हें बैरक में बाथरूम की सुविधा वाले कमरे में रखा गया है। लेकिन, उन्हें बाहर का खाना खाने की इजाजत नहीं है।
जेल के अधिकारी ने कहा, कि "इमरान खान को शनिवार को जेल लाया गया, तो उनका स्वास्थ्य अच्छा था और पूर्व प्रधानमंत्री को हफ्ते में एक बार अपने परिवार और वकील से मिलने की इजाजत है। लेकिन, उन्हें किसी तरह की अतिरिक्त सुविधाएं नहीं दी गई है।" हालांकि, इमरान खान के वकीलों का कहना है, कि इमरान खान को किसी भी तरह की सुविधाएं नहीं दी गई हैं और उनकी जान को खतरा है।
अटक जेल के बारे में जानिए
अटक जेल को उस वक्त बनाया गया था, जब पाकिस्तान भारत का ही हिस्सा था और अंग्रेजों का शासनकाल था। 1905-06 में बना अटक जेल 67 एकड़ के क्षेत्र में बना हुआ है और इस जेल में स्वतंत्रता सेनानियों को रखा जाता था।
अटक जेल सिंधु नदी के किनारे बनाया गया है और इस जेल में 539 कैदियों को रखने की क्षमता है, लेकिन इस जेल में क्षमता से ज्यादा 804 कैदियों को रखा गया है।
अटक जेल पहले भी राजनीतिक हस्तियों का स्वागत कर चुका है और इस जेल में पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ को 1999 रखा गया था। वहीं, जिन राजनीतिक हस्तियों ने जनरल जिया उल हक के खिलाफ विद्रोह किया था, उन्हें भी अटक के ही जेल में रखा गया था। जबकि, बिलावल भुट्टो के पिता, और पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी इस जेल में रह चुके हैं। जबकि, नवाज शरीफ के करीबी और उनकी पार्टी के नेता हनीफ अब्बासी, जिनके ऊपर कत्ल का इल्जाम था, उन्हें भी अटक जेल में ही रखा गया था।












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