मुफलिसी के दौर में श्रीलंका के लिए कैसे मसीहा बना भारत? IMF ने की मोदी सरकार की खूब तारीफ
श्रीलंका के अलग अलग इलाकों में भारी विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं और लोग प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे का इस्तीफा मांग रहे हैं।
वॉशिंगटन, अप्रैल 19: आर्थिक संकट में फंसते ही श्रीलंका को छोड़कर सबसे पहले चीन भागा, लेकिन दिल टूटने के बाद भी भारत ने अपने पड़ोसी देश श्रीलंका का साथ नहीं छोड़ा। जो श्रीलंका भारत के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहा था और जिस श्रीलंका की वजह से चीन हिंद महासागर में घुसने में कामयाब हो गया, विपरीत परिस्थिति में भारत ने उस श्रीलंका का साथ नहीं छोड़ा और भारत ने श्रीलंका की जो मदद की है, उसकी तारीफ आज आईएमएफ भी कर रहा है।

आईएमएफ ने की भारत की तारीफ
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक, क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को आश्वस्त करते हुए श्रीलंका के आर्थिक संकट से निपटने में भारत की मदद की सराहना की है और कहा है, कि आईएमएफ सक्रिय तौर पर श्रीलंका की मदद करेगा। दरअसल, आईएमएफ ने शर्ते नहीं मानने की वजह से श्रीलंका की मदद करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद भारत ने आईएमएफ के सामने श्रीलंका की पैरवी की है और अब आईएमएफ ने श्रीलंका को मदद देने का आश्वासन दिया है। भारत ने श्रीलंका की तरफ से बकायदा आईएमएफ के सामने प्रजेंटेंशन भी दिया है। श्रीलंका आईएमएफ से करीब 4 अरब डॉलर का कर्ज लेने की उम्मीद कर रहा है, ताकि वो बुनियादी जरूरतों का सामान खरीद सके और इस साल डिफॉल्टर होने से बचने के लिए अपने कर्ज चुका सके।

सीतारमण की जॉर्जीवा से मुलाकात
आपको बता दें कि, श्रीलंका को मदद करने के लिए आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने उस वक्त तारीफ की है, जब वाशिंगटन डीसी में सीतारमण ने आईएमएफ-विश्व बैंक (डब्ल्यूबी) की स्प्रिंग मीटिंग के दौरान की। इस मुलाकात के दौरान, दोनों के बीच हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा भी की गई है और सीतारमण और जॉर्जीवा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव और बढ़ती ऊर्जा कीमतों से जुड़ी चुनौतियों के बारे में चिंता जताई। भोजन और ईंधन की कमी, बढ़ती कीमतों और बिजली कटौती के कारण श्रीलंका, आजादी के बाद से अपने सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, जिससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और श्रीलंका में राष्ट्रपति के इस्तीफा के लिए भारी विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
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राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग
खराब आर्थिक स्थिति की वजह से श्रीलंका के अलग अलग इलाकों में भारी विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं और लोग प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांगों के साथ भारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, जॉर्जीवा ने भारत को कोविड-19 के प्रसार को नियंत्रित करने और सफल टीकाकरण कार्यक्रम तलाने के लिए बधाई दी है।

कोविड टीकाकरण के लिए बधाई
वित्त मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने अन्य कमजोर देशों को COVID-19 राहत सहायता प्रदान करने के लिए भारत की भी सराहना की। मंत्रालय के अनुसार, जॉर्जीवा ने भारत के सु-लक्षित नीतिगत मिश्रण पर प्रकाश डाला जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को लचीला बने रहने में मदद मिली है। जॉर्जीवा के साथ बातचीत के दौरान, सीतारमण ने पूंजीगत व्यय के माध्यम से आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। आपको बता दें कि, भारत का COVID-19 टीकाकरण कवरेज शनिवार को 186.49 करोड़ को पार कर गया है।
वॉशिंगटन दौरे पर वित्तमंत्री
आपको बता दें कि, भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस वक्त वॉशिंगटन के दौरे पर हैं, जहां वो जी-20 वित्तमंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगी और सेंट्रल बैंक गवर्नर मीटिंग (FMCBG) में भी भारतीय वित्त मंत्री सीतारमण हिस्सा लेने वाली हैं। विश्व बैंक, आईएमएफ, जी20 और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के साथ अपनी आधिकारिक व्यस्तताओं के अलावा, सीतारमण ने सोमवार को वाशिंगटन डीसी स्थित एक थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल के एक कार्यक्रम में भी भाग लिया। वित्त मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि इस यात्रा में इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मलपास के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक सहित कई द्विपक्षीय बातचीत भी शामिल होगी।












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