नकलची निकला पाकिस्तान! 'सिंधु में खून' बहाने की धमकी देने वाले बिलावल भुट्टो को दी शांति मिशन की जिम्मेदारी
Bilawal Bhutto Zardari Global Peace Mission: भारत की नकल करते हुए पाकिस्तान ने भी दुनिया के सामने अपना पक्ष रखने के लिए प्रतिनिधिमंडल विदेश भेजने का फैसला किया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवाद को लेकर 'इमेज मेकओवर' करने के लिए पाकिस्तान 'शांति मिशन' के तहत बिलावल भुट्टो जरदारी को विदेश भेज रहा है। ये वही बिलावल भुट्टो जरदारी हैं, जिन्होंने पहलगाम हमले के बाद सिंधु नदी में खून बहाने की धमकी दी थी। भारत की ओर से सिंधु जल संधि रोकने के बाद बिलावल भुट्टो ने कहा था, 'सिंधु दरिया में या तो अब पानी बहेगा, या उनका खून बहेगा। सिंधु दरिया हमारा है और हमारा ही रहेगा।'
पाकिस्तान ने कांग्रेस नेता शशि थरूर सहित भारतीय प्रतिनिधिमंडल का मुकाबला करने के लिए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी को चुना है। भारत की सरकार पहले ही विदेशों में डेलीगेशन भेजने का ऐलान कर चुकी है। इसी को देखते हुए पाक पीएम शहबाज शरीफ ने बिलावल भुट्टो को 'इमेज मेकओवर' करने की जिम्मेदारी दी है।

बिलावल भुट्टो ने पूरे मामले पर क्या कहा?
बिलावल भुट्टो ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा,
"आज सुबह (18 मई) प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मुझसे संपर्क किया और अनुरोध किया कि मैं अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति के लिए पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करूं। मैं इस जिम्मेदारी को स्वीकार करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं और इन चुनौतीपूर्ण समय में पाकिस्तान की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।"
शीर्ष खुफिया सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना का मानना है कि बिलावल भुट्टो का हाईली एजुकेटेड होने और अंग्रेजी पर उनकी पकड़ उन्हें वैश्विक शांति मिशन के लिए सबसे बेहतर उम्मीदवार बनाती है।
पाकिस्तान 'इमेज मेकओवर' कर क्या साबित करना चाहता है?
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान इस मिशन के तहत वैश्विक मंच पर अपने देश को आतंकवाद-प्रायोजित देश नहीं, बल्कि शांतिप्रिय देश के तौर पर अपनी छवि बनाना चाहता है। पाकिस्तानी सेना बिलावल भुट्टो की कूटनीतिक विरासत का भी लाभ उठाना चाहती है। बिलावल की मां और पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और दादा और पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो ने पीपीपी को शांति और लोकतंत्र की पार्टी के रूप में स्थापित किया था।
सूत्रों ने कहा कि शांति मिशन के लिए बिलावल को चुनना पाकिस्तान के नागरिक-सेना प्रतिष्ठान की एक सोची-समझी राजनीतिक और कूटनीतिक रणनीति लगती है। बिलावल और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने पंजाब के पूर्व सीएम और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता हमजा शाहबाज के साथ मिलकर खुद को पाकिस्तान के नए युवा नेता के रूप में प्रचारित किया है। बिलावल भुट्टो ने हमेशा नवाज शरीफ और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जैसे पुराने प्रतिद्वंद्वियों से खुद को दूर रखा है।












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