नाक के स्वाब की तुलना में लार के सैंपल से अधिक तेजी से हो सकती है कोविड संक्रमितों की पहचान- शोध
अमेरिकन सोसाइटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, नाक के स्वाब के परीक्षण की तुलना में लार के नमूने कोविड-19 की अधिक तेजी से पहचान कर सकते हैं।
वाशिंगटन, 26 मार्च। अमेरिकन सोसाइटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, नाक के स्वाब के परीक्षण की तुलना में लार के नमूने कोविड-19 की अधिक तेजी से पहचान कर सकते हैं। यह अध्ययन 'माइक्रोबायोलॉजी स्पेक्ट्रम' जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

लार के सैंपल कोरोना टेस्टिंग में अधिक प्रभावी
इंस्टीट्यूट फॉर एप्लाइड एनवायरनमेंटल हेल्थ, यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड एनवायरनमेंटल हेल्थ में व्यावसायिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के प्रोफेसर, सह-लेखक डोनाल्ड के मिल्टन ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है क्योंकि लोग कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी के अभाव में कोरोना को फैलाने लगते हैं। जल्दी पता लगने से इसे फैलने से रोका जा सकता है।
कोविड-19 से संक्रमित लोगों की पहचान करने के लिए जांचकर्ताओं ने मई 2020 में स्वस्थ सामुदायिक स्वयंसेवकों से लार के नमूनों का साप्ताहिक परीक्षण करना शुरू किया और अगले 2 वर्षों तक जारी रखा। सकारात्मक परीक्षण करने वाले असिम्टोमेटिक संक्रमितों में, मिल्टन और उनके सहयोगियों ने पाया कि ऐसे रोगियों ने एक या दो दिन बाद लक्षण दिखाए।
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रोगी घर पर भी कर सकता है अपना टेस्ट
मिल्टन ने कहा कि अपने परीक्षण में हमने पाया कि नाक के स्वाब की तुलना में असिम्टोमेटिक रोगियों को पकड़ने में लार ने बेहतर काम किया। इस परीक्षण का उद्देश्य कोरोना टेस्टिंग को बेहतर, सुरक्षित बनाना और टेस्टिंग की लागत को कम करना था। रोगी अपनी लार का स्वयं परीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों के संपर्क में आने से भी बच सकते हैं। इसके अलावा नाक से स्वाब लिए जाने पर रोगी को छीकने और खांसने जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। लार के सैंपल लिये जाने पर रोगियों को इन सब समस्याओं का भी सामना नहीं करना पड़ेगा। मिल्टन ने कहा कि यदि लार की टेस्टिंग तेजी से उपलब्ध हो जाती है तो कोरोना टेस्टिंग में तेजी लाई जा सकती है।












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