डसॉल्‍ट एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर का राहुल गांधी को जवाब, 'मैं झूठ नहीं बोलता'

पेरिस। राफेल डील पर भारत में जारी घमासान के बीच ही राफेल बनाने वाली कंपनी डसॉल्‍ट एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने भारतीय न्‍यूज एजेंसी एएनआई को खास इंटरव्‍यू दिया है। इस इंटरव्‍यू में ट्रैपियर ने कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को बकवास करार दिया है। एरिक की मानें तो डील को लेकर उन्‍होंने कोई भी झूठ नहीं बोला है और जो कुछ भी कहा है वह सच है।राहुल गांधी ने करीब 10 दिन पहले डसॉल्‍ट एविएशन के सीईओ ट्रैपियर पर आरोप लगाया था कि उनकी कंपनी ने अनिल अंबानी को 284 करोड़ रुपए की रकम अदा की है और यह डील का पहला हिस्‍सा है।

जो सच है वही बात कही

जो सच है वही बात कही

ट्रैपियर से इंटरव्‍यू में कांग्रेस पार्टी की ओर से उन पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा सवाल पूछा गया था। इस पर ट्रैपियर ने कहा, 'मैं झूठर नहीं बोलता हूं। जो भी सच है वह मैं अपने पहले दिए हुए बयानों बता चुका हूं और मेरे सभी बयान पूरी तरह से सच हैं। मेरी छवि झूठ बोलने वाले इंसान की नहीं है। एक सीईओ के तौर पर मैं झूठ नहीं बोलता हूं।' ट्रैपियर ने इसी इंटरव्‍यू में यह भी याद दिलाया कि उनकी कंपनी ने भारत के साथ पहला रक्षा सौदा साल 1953 में किया था जब कांग्रेस पार्टी सत्‍ता में थी और जवाहर लाल नेहरु देश के प्रधानमंत्री थे। ट्रैपियर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के साथ कंपनी का पुराना नाता रहा है। नेहरु और दूसरे प्रधानमंत्रियों के नेतृत्‍व में उनकी कंपनी भारत के साथ कई डील करती आ रही है। ट्रैपियर ने साफ कर दिया कि उनकी कंपनी किसी भी पार्टी के लिए काम नहीं करती है।

सितंबर से होगी जेट की डिलीवरी

सितंबर से होगी जेट की डिलीवरी

ट्रैपियर ने कहा कि कंपनी इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) के लिए लड़ाकू विमान और भारत सरकार के लिए कई तरह के उत्‍पादों की आपूर्ति कर रही है और यही उनके लिए सबसे खास बात है। ट्रैपियर ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस को एक ऑफसेट पार्टनर के तौर पर चुने जाने पर भी जवाब दिया। उन्‍होंने कहा कि जो भी रकम निवेश की जा रही है, वह सीधे तौर पर रिलायंस को नहीं जा रही है बल्कि एक ज्‍वॉइन्‍ट वेंचर को जा रही है।ट्रैपियर ने कहा कि उन्‍होंने अपनी इच्‍छा से रिलायंस को चुना था। उन्‍होंने बताया कि रिलायंस के अलावा उनके पास पहले से ही 30 पार्टनर्स मौजूद हैं। आईएएफ इस डील का समर्थन कर रही है क्‍योंकि उन्‍हें फाइटर जेट्स की सख्‍त जरूरत है। ट्रैपियर ने कहा, 'मुझे पता है कि इस पर भारत में राजनीतिक विवाद जारी है और कई देशों में चुनाव होने वाले हैं, यह बात भी सच है। मेरे लिए सबसे ज्‍यादा खास बात यह है कि सच क्‍या है और सच यही है कि यह एक साफ सौदा है और आईएएफ इस डील से काफी खुश है।' उन्‍होंने बताया कि सिंतबर 2019 से राफेल डील के तहत जेट की सप्‍लाई शुरू हो जाएगी।

राहुल ने कहा था रिलायंस को मिले 284 करोड़

राहुल ने कहा था रिलायंस को मिले 284 करोड़

राहुल गांधी ने करीब 10 दिन पहले डसॉल्‍ट एविएशन के सीईओ ट्रैपियर पर आरोप लगाया था कि उनकी कंपनी ने अनिल अंबानी को 284 करोड़ रुपए की रकम अदा की है और यह डील का पहला हिस्‍सा है। राहुल गांधी ने कहा था , 'डसॉल्‍ट ने अनिल अंबानी की घाटे में चल रही कंपनी को 284 करोड़ रुपए अदा किए थे। यह अनिल अंबानी को दी गई पहली किश्‍त थी।' राहुल गांधी ने इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी आरोप लगाया था कि भ्रष्‍टाचार का रास्‍ता सीधे रेस कोर्स रोड पर जाता है। रिलायंस ग्रुप की ओर से भी राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया जा चुका है।

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