#Get out of my country: आखिर 32 साल के भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास का कसूर क्या था?
मृतक कुचिभोतला मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले थे और अमेरिका स्थित एक कंपनी में एविएशन इंजीनियर थे।
वाशिंगटन। आज एक दिल दहला देने वाली घटना अमेरिका के कानसास में घटी है, जहां एक भारतीय युवा इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोतला (32) की निर्मम हत्या कर दी गई। वतन छोड़कर परदेश में नौकरी करने गए आखिर भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास का कसूर क्या था, इस सवाल का जवाब कौन देगा?
जिस घर का आंगन आज सूना हुआ है उसकी रंगत क्या अब कभी वापस आ सकती हैं, ये सवाल श्रीनिवास के घर वाले ही नहीं बल्कि भारत देश का हर नागरिक अमेरिका और भारत सरकार से कर रहा है।

'मेरे देश से निकल जाओ'
गौरतलब है कि अमेरिका के कानसास में बीती शाम एक बार में भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास को गोली मारी दी गई, हमलावर गोली चलाते हुए बार-बार यही चिल्ला रहा था कि 'मेरे देश से निकल जाओ'।

नस्ली हमला
प्रत्यक्षदर्शियों ने इसे नस्ली हमला करार दिया है , जबकि स्थानिय पुलिस का कहना है कि एफबीआई के साथ मिलकर जांच की जा रही है।विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अमेरिका के कानसास में भारतीय इंजीनियर की हत्या की निंदा की है। उन्होंने घटना पर हैरानी जताते हुए कहा कि उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं।

जवाहर लाल नेहरू टेक्निकल यूनिवर्सिटी
भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोतला ने साल 2005 में जवाहर लाल नेहरू टेक्निकल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजिनयरिंग में डिग्री ली थी जबकि उन्होंने अपनी मास्टर डिग्री यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस अल पासो से हासिल की थी। कुचिभोतला ने वर्तमान कंपनी में जॉइन करने से पहले भी कई अन्य अमेरिकी कंपनियों में काम किया था।

गार्मिन इंटनेशनल
कुचिभोतला वर्तमान में गार्मिन इंटनेशनल नाम की कंपनी में काम कर रहे थे। वे कंपनी के चॉपर प्रोग्राम से जुड़े थे।घटना शाम लगभग 7:15 बजे के आसपास की है।

एडम परिंटन
आपको बता दें कि 51 वर्षीय एडम परिंटन नाम के व्यक्ति ने बार के अंदर कई राउंड फायरिंग की। फायरिंग में दो अन्य लोग घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एडम अमेरिकी नेवी से रिटायर है। हालांकि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि ऐसा भी कहा जा रहा है कि प्यूरिंटन ने दोनों को 'मध्य एशियाई' समझ कर मारा है।












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