गाजा के समर्थन में USA में छात्रों का इंकलाब, सैकड़ों गिरफ्तार, प्रदर्शन का हक क्यों छीन रहे बाइडेन?
Students Protest in USA: गाजा के समर्थन में अमेरिका के दर्जनों विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं और बाइडेन प्रशासन के आदेश पर सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। ये प्रदर्शनकारी गाजा में युद्धविराम और फिलिस्तीनी क्षेत्र पर इजराइल के करीब सात महीने चल रहे युद्ध को सक्षम करने वाली कंपनियों से निवेश खत्म करने की मांग कर रहे हैं।
शनिवार को कॉलेज परिसरों में अमेरिकी पुलिस फोर्स पूरी ताकत के साथ तैनात थी और छात्रों को तितर-बितर करने के लिए रासायनिक पदार्थों और टैसर का इस्तेमाल किया गया है। बावजूद इसके, ज्यादातर विश्वविद्यालयों में गाजा पट्टी पर जारी बमबारी के खिलाफ और इजराइल के लिए अमेरिकी सैन्य सहायता को रोकने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी रहा।

हैरानी की बात ये है, कि जो बाइडेन प्रशासन 'फ्रीडम ऑफ स्पीच' और 'प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा' जैसी बड़ी बड़ी बातें कर दुनिया को ज्ञान देने की कोशिश करता है, जब उसी अमेरिका में प्रदर्शन हो रहे हैं, तो वो बल का इस्तेमाल कर रहा है।
अमेरिका में छात्रों के प्रदर्शन पर बल प्रयोग क्यों?
बोस्टन में, पुलिस ने नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी में एक विरोध शिविर को हटाते समय लगभग 100 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें आई हैं, उनमें पुलिस बल को दंगा रोकने वाले हथियारों और कपड़ों में दिखाया गया है। ऐसा लग रहा है, कि ये छात्र ना होकर कोई दंगाई हों।
ये तस्वीरें उस अमेरिका की है, जो भारत में होने वाले किसी भी प्रदर्शन पर ज्ञान देने आ जाता है। किसान आंदोलन हो या सीएए आंदोलन, भारत में चलने वाले कई हफ्तों और महीनों के प्रदर्शन पर इसने भारत को ज्ञान देने की कोशिश की है, लेकिन ये बाइडेन प्रशासन, चार दिनों के प्रदर्शन को झेल नहीं पा रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान में, नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी ने कहा है, कि परिसर का वह क्षेत्र जहां विरोध प्रदर्शन किया गया, वो अब "पूरी तरह से सुरक्षित" है और "कैंपस में सभी गतिविधियां सामान्य हो गई हैं"।
यूनिवर्सिटी का आरोप है, कि प्रदर्शन में बाहरी लोगों ने घुसपैठ की थी, जो प्रोफेशन आयोडक थे और जिनका मिडिल ईस्ट से कोई संबंध नहीं था। यूनिवर्सिटी ने कहा है, कि गिरफ्तार किए गये लोगों ने जिन लोगों ने अपना वैध आईडी कार्ड दिखाया है, उन्हें रिहा कर दिया गया है और उनके खिलाफ कानून कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी ने दावा किया है, कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान "यहूदियों को मार डालो" के नारे लगाए गये हैं, लिहाजा ऐसे नारे लगाने वालों के खिलाफ कानून कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, विश्वविद्यालय में फिलिस्तीन समर्थक विरोध आंदोलन के सदस्यों ने उन दावों को खारिज कर दिया, और साइट से पोस्ट किए गए वीडियो में फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों के साथ साथ इजराइली झंडे लिए हुए लोगों को भी दिखाया है।
इंडियाना डेली स्टूडेंट अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडवेस्ट के ब्लूमिंगटन में, इंडियाना यूनिवर्सिटी पुलिस विभाग ने 23 लोगों को गिरफ्तार किया है और कैंपस में लगाए कैंप को उखाड़ फेंका है। वहीं, एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी पुलिस विभाग ने 69 लोगों को अतिक्रमण के आरोप में गिरफ्तार किया है।
इस बीच, सेंट लुइस में वाशिंगटन विश्वविद्यालय में अमेरिकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार जिल स्टीन और उनके अभियान प्रबंधक सहित कम से कम 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पूरे अमेरिका में चल रहे हैं प्रदर्शन
पूरे अमेरिका में, विश्वविद्यालयों ने प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश की है, बावजूद इसके सैकड़ों छात्र अभी भी प्रदर्शन कर रहे हैं। कई जगहों पर छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग भी किया है। विभिन्न राज्यों से वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें सैकड़ों छात्रों - और यहां तक कि संकाय सदस्यों - को जबरदस्ती गिरफ्तार किया जा रहा है। करीब एक हफ्ते पहले न्यूयॉर्क की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में 100 से ज्यादा फिलिस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।
गाजा के समर्थन में छात्रों का ये प्रदर्शन कोलंबिया यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ था और फिर प्रदर्शन की आग पूरे देश के विश्वविद्यालयों में फैल गई। फिलिस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शनों और अभिव्यक्ति की आजादी पर लगाए गये प्रतिबंधों को लेकर छात्रों और प्रशासकों के बीच देशव्यापी टकराव देखा जा रहा है।
पिछले 10 दिनों में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, और उन्हें यूनिवर्सिटी से सस्पेंड किया गया है। येल विश्वविद्यालय, दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, वेंडरबिल्ट विश्वविद्यालय और मिनेसोटा विश्वविद्यालय सहित कई अन्य कॉलेजों से दर्जनों छात्रों को निष्कासित कर दिया गया है।












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