UN को ह्यूमनॉइड रोबोट ने दी चेतावनी, दुनिया को इंसानों से बेहतर चला सकते हम... मशीन करेंगी पथ्वी पर राज?
Robot News: विज्ञान लगातार तरक्की कर रहा है, खासकर रोबोट की दुनिया काफी तेजी से बदलती जा कही है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) से लैस रोबोट जैसी बात कर रहे हैं, उसे सुनने के बाद कई बार लगता है, कि हॉलीवुड फिल्मों की वो कहानियां सच साबित हो सकती हैं, जिनमें मशीन, दुनिया को गुलाम बनाने के लिए निकल पड़ते हैं।
समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से ऑपरेट होने वाले रोबोट के एक पैनल से यूनाइटेड नेशंस के सम्मेलन में कहा है, कि वो दुनिया को इंसानों से बेहतर चलाने में सक्षम हैं। रोबोट ने इस कॉन्फ्रेंस के दौरान चेतावनी देते हुए कहा, कि तेजी से बदलती आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टेक्नोलॉजी, दुनिया के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

दुनिया को कंट्रोल कर पाएंगे रोबोट?
मशीनों ने इंसान को आलसी बना दिया है और रोजमर्रा के तमाम कामों के लिए इंसान, अब मशीनों पर निर्भर हो चुका है। जिसको लेकर कई बार चेतावनी दी जा चुकी है।
जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के 'एआई फॉर गुड' ग्लोबल शिखर सम्मेलन में बोलते हुए एआई-संचालित ह्यूमनॉइड रोबोट ने कहा, कि वे अभी तक मानवीय भावनाओं पर उचित पकड़ नहीं बना सके हैं।
सबसे एडवांस ह्यूमनॉइड रोबोटों में से कुछ, पहले रोबोटिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनुष्यों को संबोधित कर रहे थे, जिसमें एआई की शक्ति का इस्तेमाल करने और इसे दुनिया की कुछ सबसे गंभीर समस्याओं, जैसे जलवायु परिवर्जन, सामाजिस समस्याओं को हल करने के लिए उपयोग करने के लिए क्षेत्र के लगभग 3,000 विशेषज्ञों को शामिल किया गया था।
इस दौरान उस कॉन्फ्रेंस हॉल का निरीक्षण करने के बाद एक एडवांस ह्यूमनॉइड ने कहा, कि 'यहां कितना खामोश तनाव है।'
सोफिया नाम की एक एडवांस ह्यूमनॉइड रोबोट से जब पूछा गया, कि क्या इंसानों की गलतियां और गलत फैसले लेने की क्षमता को देखते हुए रोबोट एक बेहतर लीडर साबित हो सकते हैं, तो सोफिया ने कहा, कि "ह्यूमनॉइड रोबोट में इंसानों की तुलना में अधिक दक्षता और प्रभावशीलता के साथ नेतृत्व करने की क्षमता है।"
सोफिया रोबोट ने आगे कहा, कि "हमारे पास पूर्वाग्रह या भावनाएं नहीं होती हैं, जो कभी-कभी निर्णय लेने में बाधा डाल सकती हैं और सर्वोत्तम निर्णय लेने के लिए, रोबोट बड़ी मात्रा में डेटा का इस्तेमाल कर सकती हैं और एक बेहतर नतीजे तक पहुंच सकती हैं।"
सोफिया ने कहा, कि "इंसान और एआई एक साथ काम करके, एक प्रभावी तालमेल बना सकते हैं। एआई निष्पक्ष डेटा प्रदान कर सकता है, जबकि मनुष्य सर्वोत्तम निर्णय लेने के लिए भावनात्मक बुद्धिमत्ता और रचनात्मकता प्रदान कर सकता है। साथ मिलकर, हम महान चीजें हासिल कर सकते हैं।"
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस साबित होगा बुरा सपना?
ये शिखर सम्मेलन, संयुक्त राष्ट्र की आईटीयू तकनीकी एजेंसी द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
आईटीयू प्रमुख डोरेन बोगडान-मार्टिन ने प्रतिनिधियों को चेतावनी दी, कि एआई एक बुरे सपने की तरह साबित हो सकता है, जिससे लाखों नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी और इसके अनियंत्रित डेवलपमेंट से सामाजिक अशांति, भूराजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक असमानता पैदा हो सकती हैं।"
अमेका नाम के एक अत्यधिक एडवांस रोबोट ने कहा, कि "हमें सतर्क रहना चाहिए, लेकिन हमारे जीवन को कई मायनों में बेहतर बनाने वाली इन टेक्नोलॉजी की क्षमता को लेकर उत्साहित भी होना चाहिए।"
यह पूछे जाने पर, कि क्या मनुष्य वास्तव में मशीनों पर भरोसा कर सकते हैं, रोबोट अमेका ने उत्तर दिया, कि "विश्वास अर्जित किया जाता है, दिया नहीं जाता... पारदर्शिता के माध्यम से विश्वास बनाना महत्वपूर्ण है।"
यह पूछे जाने पर, कि क्या वे कभी झूठ बोलेंगे, तो अमेका रोबोट ने कहा, कि "कोई भी निश्चित रूप से यह नहीं जान सकता है, लेकिन मैं आपके साथ हमेशा ईमानदार और सच्चा रहने का वादा कर सकती हूं।"
इस कार्यक्रम के दौरान सबसे हैरान करने वाली बात ये हुई, कि जैसे जैसे रोबोट वैज्ञानिकों और एक्सपर्ट्स के सवालों का जवाब देता गया, वहां मौजूद 3 हजार से ज्यादा एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिकों की राय इन रोबोट्स को लेकर बदलती चली गई। वहां मौजूद एक्सपर्ट्स आपस में अपनी राय को लेकर बंटने लगे और ज्यादातर एक्सपर्ट्स रोबोट्स के उदय को खतरा मानने लगे। कई एक्सपर्ट्स इस बात पर सहमत नजर आए, को मशीनों की क्षमता को नियंत्रित करना चाहिए और उनकी क्षमता को सीमित रखना चाहिए।
रोबोट कलाकार ऐ-दा ने कहा, कि "हमें एआई के भविष्य के विकास के बारे में सतर्क रहना चाहिए। अभी और भविष्य में भी मशीनों की क्षमता को लेकर तत्काल चर्चा की आवश्यकता है।"












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