सोते रहे ओबामा और 20 से 20,000 हो गए ISIS आतंकी

वाशिंगटन। आईएसआईएस को खत्‍म करने के लिए अमेरिका ने एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है। लेकिन अगर अमेरिका चाहता तो वर्ष 2013 में इस आफत को सिर उठाने से पहले ही खत्‍म कर सकता था।

अमेरिकी इंटेलीजेंस एजेंसी सीआईए को आईएसआईएस से जुड़ी कई तरह की इंटेलीजेंस मुहैया कराई गई थी लेकिन उस समय सीआईए ने इसे नजरअंदाज कर दिश था।

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फ्री सीरियन आर्मी के स्‍पाई मास्‍टर ने फ्रेंच डेली ले मोंडे को दिए एक इंटरव्‍यू में कहा है कि उसने आईएसआईएस के अंदर मौजूद कई रैंक्‍स के बारे में सीआईए को बताया था।

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उस समय सीआईए ने उसकी वॉर्निंग को नजरअंदाज कर दिया। जिस समय आईएसआईएस से जुड़ी जानकारियां अमेरिका को दी जा रही थी उस समय आतंकियों की संख्‍या सिर्फ 20 थी।

एक नजर डालिए इस इंटरव्‍यू में सामने आई कुछ और बातों पर।

कमजोर हो सकता था आईएसआईएस

कमजोर हो सकता था आईएसआईएस

फ्री सीरियन आर्मी के स्‍पाई मास्‍टर के तौर पर मशहूर इस व्‍यक्ति को 'एम' कोडनेम दिया गया है। इसका कहना है कि अगर सीआईए चाहता तो उसी समय आईएसआईएस को कमजोर किया जा सकता था। उसने सीआईए को आईएसआईएस से जुड़ी कई विस्‍तृत रिपोर्ट्स भेजी थीं।

20 ही थे तब आतंकी

20 ही थे तब आतंकी

20 सदस्‍यों से लेकर आईएसआईएस 20,000 सदस्‍यों तक पहुंच रहा था और अमेरिका को हर जानकारी मिल रही थी। जब कभी भी सीआईएस से पूछा जाता कि इन जानकारियों का वह क्‍या कर रहा है, जवाब मिलता कि सब कुछ फैसले लेने वाले लोगों के हाथ में है।

लगातार दो वर्षों तक मिली रिपोर्ट

लगातार दो वर्षों तक मिली रिपोर्ट

यह रिपोर्ट्स उसने फील्‍ड पर मौजूद उसके एजेंट्स के पास से मिले डाटा के आधार पर तैयार की थी। लगातार दो वर्ष तक उसने सीआईए को यह जानकारियां भेजी थीं। इस इंटेलीजेंस रिपोर्ट में इराक और सीरिया में आईएसआईएस की मौजूदगी की कई अहम जानकारियां मौजूद थी।

फोन नंबर से लेकर ट्रेनिंग कैंप्‍स तक

फोन नंबर से लेकर ट्रेनिंग कैंप्‍स तक

जीपीएस लोकेशंस से लेकर मैप्‍स, फोटोग्राफ्स, फोन नंबर और यहां तक की आईएसआईएस की ओर से यूज हो रहे इंटरनेट का आईपी एड्रेस भी दिया गया था। एजेंट्स ने आईएसआईएस आतंकियों के कई ट्रेनिंग कैंप्‍स की फोटोग्राफ्स तक अमेरिका को भेजी थी।

टॉप आतंकियों के नंबर भी थे अमेरिका के पास

टॉप आतंकियों के नंबर भी थे अमेरिका के पास

सिर्फ इतना ही नहीं अमेरिका को आईएसआईएस में टॉप रैंक्‍स पर मौजूद आतंकियों के फोन नंबर से लेकर सैटेलाइट इक्विपमेंट्स तक मुहैया कराए गए थे। लेकिन फिर भी उसके कोई प्रतिक्रिया अमेरिका की ओर से नहीं मिली थी।

विदेशों में मिली है ट्रेनिंग

विदेशों में मिली है ट्रेनिंग

स्‍पाई मास्‍टर एम को विदेशों में ट्रेनिंग दी गई है और न्‍यूजपेपर का कहना है कि इस व्‍यक्ति ने 30 सबसे विश्‍वासपात्र लोगों की भर्ती की थी। ये सभी लोग सीरिया में आईएसआईएस के कब्‍जे वाले इलाकों जैसे राक्‍का, अल बाब, तेज अबयाद और दूसरे शहरों में भेजा गया था।

अमेरिका से मांगी थी मदद

अमेरिका से मांगी थी मदद

इस स्‍पाई चीफ ने फाइनेंस के लिए अमेरिका से मदद मांगी थी। इसने करीब 30,000 डॉलर की रकम मांगी और इसे अमेरिका ने सिर्फ 10,000 डॉलर दिए थे।

टर्की के एक मंत्री ने की मदद

टर्की के एक मंत्री ने की मदद

इस स्‍पाई मास्‍टर का सबसे भरोसेमंद एजेंट आईएसआईएस की फाइनेंशियल यूनिट मनबिज में था जो कि टर्की के बॉर्डर के पास है। इस व्‍यक्ति की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक टर्की के एक सांसद ने 74,000 डॉलर की रकम अपने भाई को दी थी जो कि अब सीरिया के अलेप्‍पो में आईएसआईएस का अमीर है।

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