मदीना में आतंकी हमलों ने बढ़ा दी है ग्लोबल बॉम्बिंग की दहशत
बेरुत। सोमवार को मदीना में हुए दो आत्मघाती हमलों ने दुनिया में फिर से आईएसआईएस की दहशत को बढ़ा दिया है। जो लोग यह मान रहे थे कि यह आतंकी संगठन अब कमजोर पड़ चुका है उन्हें पिछले एक हफ्ते के अंदर ही एक सबक मिल चुका है।

एक हफ्ते से भी कम समय में चार घटनाएं ऐसी हुई हैं जिनके पीछे आईएसआईएस का हाथ है और ये सभी सुसाइड ब्लास्ट की घटनाएं हैं। रमजान के पवित्र माह के दौरान हुए इन हमलों से साफ है कि आतंकियों ने एक कैंपेन की तरह हमलों को अंजाम दिया है।
अलग-अलग जगहों को चुनता आईएसआईएस
सोमवार को सऊदी अरब के जेद्दाह में अमेरिकी कांसुलेट के बाहर एक सुसाइड ब्लास्ट हुआ। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक हालांकि इस हमले में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ लेकिन इसने दुनिया की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
पढ़ें-इराक में अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला
विशेषज्ञों के मुताबिक आईएसआईएस के पास अब इतनी ताकत है कि वह किसी भी समय कहीं भी हमले को अंजाम दे सकता है। वह अपने मकसद में सफल होने के लिए दुनिया की अलग-अलग जगहों को चुन रहा है और उन्हें अपना निशाना बना रहा है।
सबसे ज्यादा खून-खराबे वाला रमजान
आईएसआईएस ने अपने आतंकियों से अपील की थी कि वे रमजान के माह में ज्यादा से ज्यादा आतंकी हमलों को अंजाम दें। विशेषज्ञों की मानें तो यह अब तक का ऐसा रमजान बन गया है जिसमें सबसे ज्यादा खून बहाया गया है।
इस्तांबुल के एयरपोर्ट पर आतंकी हमला, फिर बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आतंकी हमला और इराक की राजधानी बगदाद में सुसाइड अटैक्स। इन सबकी वजह से एक हफ्ते के अंदर अलग-अलग आतंकी घटनाओं में करीब 300 लोगों की मौत हो चुकी है।
अमेरिका को चुनौती दे रहा आईएसआईएस
सऊदी अरब में हुए तीन आतंकी हमले इस बात को बताने के लिए काफी हैं कि आईएसआईएस अब यहां पर अपनी जड़ें जमाता जा रहा है। सऊदी अरब जो कि अमेरिका का करीबी है, वहां पर अपनी पकड़ मजबूत करके आईएसआईएस इसकी स्थिरता को भी चुनौती दे रहा है।
मदद बस एक कॉल दूर
पहचान पूर्णतः गोपनीय , पेशेवर परामर्श सेवा
iCALL मेंटल हेल्पलाइन नंबर: 9152987821
सोम - शनि: सुबह 10 बजे - शाम 8 बजे












Click it and Unblock the Notifications