पत्नी को मानते हैं गुरु, हिंदू धर्म में गहरी आस्था; जानिए कैसे जेडी वैंस ने डोनाल्ड ट्रंप को किया प्रभावित?
US Vice President Candidate JD Vance: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024 के बीच डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन ने उप-राष्ट्रपति पद से उम्मीदवार के तौर पर जेडी वैंस के नाम का ऐलान किया है। सोमवार को रिपब्लिकन पार्टी के कन्वेंशन में पहुंचे ट्रंप ने ओहायो के सीनेटर जेडी वैंस को पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना। ऐसे में जानिए वैंस में वो कौनसी खूबियां थी, जिन्होंने ट्रंप को प्रभावित किया।
दरअसल, यह चौंकाने वाला फैसला इसलिए भी था, क्योंकि जो वेंस कभी ट्रम्प की आलोचना करते थे, अब उनके सबसे वफादार समर्थकों में से एक बन गए हैं।

इसी के साथ नवंबर में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के साथी जेडी वैंस ने कहा है कि उनकी पत्नी की हिंदू आस्था ने उनकी बहुत मदद की है। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में वैंस ने कहा कि उनकी पत्नी उषा चिलुकुरी वैंस की आस्था ने उन्हें अपनी आध्यात्मिक और पेशेवर यात्रा में आगे बढ़ने में मदद की।
डेसरेट डॉट कॉम के अनुसार वैंस ने कहा कि युवावस्था में वे ईश्वर में विश्वास करते थे, लेकिन किसी धार्मिक समूह से संबंधित नहीं थे। वैंस ने कहा कि वे कभी-कभी इंजील चर्च जाते थे। लेकिन 2010 तक, जब वैंस येल यूनिवर्सिटी में दाखिल हुए, तो वे चर्च और भगवान दोनों से पूरी तरह से कटे हुए थे। वेंस ने पहले डेसरेट न्यूज़ को बताया कि, "मैं खुद को नास्तिक कहता था।"
हालांकि, येल यूनिवर्सिटीमें अपने समय के दौरान वैंस ने खुद को आस्था की शक्ति से फिर से जुड़ते हुए पाया। येल में ही वैंस की मुलाकात उनकी पत्नी उषा से हुई, जिन्होंने येल से स्नातक की डिग्री के साथ सर्वोच्च सम्मान प्राप्त किया।
2014 में जब वैंस और उषा ने शादी की, तो एक हिंदू पुजारी ने एक अलग समारोह आयोजित किया। वैंस ने एक वेबसाइट को बताया कि वे खुद को जल्द ही एक धार्मिक समूह में शामिल होते हुए देख सकते हैं। उन्होंने कहा, "मैं पिछले एक साल से चर्च जा रहा हूं। जितना मुझे जाना चाहिए उतना नहीं, लेकिन जितना मैं जाता रहा हूं, उससे कहीं ज़्यादा। मैं कैथोलिक धर्म अपनाने के बारे में बहुत गंभीरता से सोच रहा हूं।"
'उषा ने मेरा बहुत साथ दिया'
2018 में वेंस का कैथोलिक चर्च में बपतिस्मा हुआ था। उन्होंने फॉक्स न्यूज को बताया कि जब बात उनके धर्म से फिर से जुड़ने की आई तो उषा ने उनका बहुत साथ दिया। उन्होंने कहा, "मैंने कभी बपतिस्मा नहीं लिया। मैं ईसाई धर्म में पला-बढ़ा, लेकिन कभी बपतिस्मा नहीं लिया। मेरा पहला बपतिस्मा 2018 में हुआ था। उषा का पालन-पोषण गैर-ईसाई परिवार में हुआ। वह वास्तव में ईसाई नहीं है। लेकिन मुझे याद है कि जब मैंने अपने धर्म से फिर से जुड़ना शुरू किया, तो उषा ने मेरा बहुत साथ दिया।"
एक धार्मिक परिवार में पली-बढ़ी हैं उषा
यह बताते हुए कि उन्होंने उनका समर्थन क्यों किया? उषा ने कहा, "मैं एक धार्मिक परिवार में पली-बढ़ी हूं। मेरे माता-पिता हिंदू हैं। यही एक कारण है कि वे इतने अच्छे माता-पिता बने। इसने उन्हें बहुत अच्छे इंसान बनाया। और मुझे लगता है कि मैंने अपने जीवन में इसकी शक्ति देखी है। और मुझे पता था कि जेडी कुछ खोज रहे थे। यह उसके लिए सही लगा।"
न्यूज़18 ने उषा के हवाले से बताया कि जब बात परिवार और बच्चों की परवरिश की आती है तो वह और उनके पति एकमत हैं। उन्होंने आगे कहा कि और इसका जवाब वाकई यही है कि हम बहुत बातें करते हैं। बता दें कि दंपति के तीन बच्चे हैं - इवान (6), विवेक (4) और मीराबेल (2) है।
पूर्व में ट्रंप के आलोचक रहे वेंस ने कैपिटल हिल में अपने कम समय में ही MAGA के एक तेजतर्रार व्यक्ति के रूप में अपनी ख्याति बना ली है। जब वे सोमवार को ट्रंप के साथी के तौर पर पहली बार खचाखच भरे कन्वेंशन हॉल में दाखिल हुए तो उन्हें लोगों ने खूब तालियां बजाईं।
ट्रंप को खास तौर पर टेलीविजन पर वैंस का प्रदर्शन पसंद आया, जहां वे रूढ़िवादी मीडिया में छा गए। पूर्व राष्ट्रपति को वैंस का लुक भी पसंद है, उनका कहना है कि वे उन्हें "युवा अब्राहम लिंकन" की याद दिलाते हैं। ट्रंप को यह भी उम्मीद है कि वेंस मध्यपश्चिमी मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए अप्पालाचिया में पले-बढ़े अपने जीवन की कहानी से सीख सकते हैं। वैंस ने गरीबी और नशे की लत को करीब से देखा है, जो कि प्रमुख रिपब्लिकन अधिकारियों के बीच असामान्य है।












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