Explainer: UN स्कूल से सिर्फ 53 मीटर दूर था हिज्बुल्लाह का हेडक्वार्टर, बच्चों के लिए काल बन गया था नसरल्लाह
Israel airstrikes Lebanon: आतंकवादी अपने प्रति लोगों की सहानुभूति हासिल करने के लिए इंसानों को ढाल की तरह इस्तेमाल करते हैं और यही ट्रेंड हर इस्लामिक आतंकवादी संगठनों का रहा है, चाहे वो पाकिस्तानी आतंकी संगठन हों या फिर मिडिल ईस्ट के आतंकी संगठन।
हमास और हिज्बुल्लाह भी यही कर रहे हैं। ये इंसानों की घनी आबादी के बीच से इजराइल पर हमला करते हैं और जब इजराइल की जवाबी कार्रवाई में आम लोगों की मौत होती है, तो ये 'बच्चे मर गये, महिलाएं मर गईं, बुजुर्ग मर गये' चिल्लाते हैं। जैसे हिज्बुल्लाह के हेडक्वार्टर को लेकर खुलासा हुआ है।

इंसानी आबादी में आतंकियों के हेडक्वार्टर
इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने नक्शे के जरिए खुलासा किया है, कि हिज्बुल्लाह का हेडक्वार्टर यूनाइटेड नेशंस की तरफ से बनाए गये स्कूल से सिर्फ 53 मीटर की दूरी पर था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं, कि क्या यूएन को नहीं पता था, कि उसके ठीक पास हिज्बुल्लाह का दफ्तर और युद्ध की स्थिति में बच्चों की जिंदगी खतरे में आ सकती है?
IDF ने ट्वीट कर बताया है, कि "53 मीटर। यह दूरी UN स्कूल और हिज्बुल्लाह के भूमिगत मुख्यालय के बीच है, जहां हसन नसरल्लाह को 20 से ज्यादा आतंकवादियों के साथ मार गिराया गया। आतंकवादी हिज्बुल्लाह के केंद्रीय मुख्यालय में थे, जो बेरूत के मध्य में स्थित है, और नागरिक इमारतों के नीचे छिपा हुआ है। यह स्पष्ट रूप से साबित करता है, कि हिज्बुल्लाह नागरिकों के बीच छिपकर लेबनान के लोगों के जीवन को खतरे में डाल रहा है।"
गाजा में इजराइली हमलों में 45 हजार से ज्यादा लोगों की मौत का दावा हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया है, लेकिन उसने ये नहीं बताया है, कि हमास के रॉकेट लांचर और मिसाइल आम लोगों की छतों से लॉंच किए जाते हैं और जब इजराइल पलटवार करता है, तो वो बिल्डिंग्स को उड़ा देता है, नतीजे में आम लोगों की मौत होती है और फिर हमास के साथ साथ तथाकथित उदारवादी अपनी छाती पीटते हैं।
हिज्बुल्लाह मुख्यालय पर 80 टन बम से हमला
शनिवार शाम को हिज्बुल्लाह ने घोषणा की, कि शुक्रवार रात 9:30 बजे इजराइली हवाई हमलों में नसरल्लाह की मौत हो गई है। इजराइली सेना ने बेरूत में हिज्बुल्लाह के मुख्यालय पर 80 टन के बम से हमला किया था। बताया जा रहा है कि नसरल्लाह अपनी बेटी के साथ वहां मौजूद था। इजराइली सेना ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया है, "हसन नसरल्लाह अब दुनिया को आतंकित नहीं कर पाएंगा।"
नसरल्लाह की मौत के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। वहीं, ताजा रिपोर्ट से पता चला है, कि नसरल्लाह की मौत दम घुटने से हुई है और उसके शरीर पर जख्म के निशान तक नहीं हैं। बताया जा रहा है, कि हमले के बाद वो जहरीली गैस की चपेट में आ गया था।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, रविवार को हुए लेटेस्ट हमले में 100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 350 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। सीएनएन ने रिपोर्ट की है, कि शनिवार को हवाई हमलों में 33 लोग मारे गए थे, जबकि 195 अन्य घायल हो गए थे।
इजराइल एक-एक करके हिज्बुल्लाह के शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर रहा है और 27 सितंबर को समूह के प्रमुख हसन नसरल्लाह को खत्म करके उसे बहुत बड़ी सफलता मिली है। पिछले हफ्ते उसने हवाई हमलों में 7 प्रमुख कमांडरों को मार गिराया है, जिसमें हिज्बुल्लाह की "निवारक सुरक्षा इकाई" के नबील कौक और आतंकी समूह की केंद्रीय परिषद के एक वरिष्ठ सदस्य भी शामिल हैं।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान समर्थित आतंकवादी समूह का कहना है, कि वह लड़ाई जारी रखेगा, जबकि हिज्बुल्लाह के कई वरिष्ठ नेता मारे जा रहे हैं। दूसरी तरफ, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने एक आपातकालीन बैठक की है। ईरानी अधिकारियों से मिली जानकारी से पता चला है, कि दक्षिणी बेरूत में हिज्बुल्लाह मुख्यालय पर इजराइली हमलों के बाद यह बैठक बुलाई गई थी। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।












Click it and Unblock the Notifications