#Syriasrikes: सीरिया में अमेरिका और साथी देशों पर इस तरह से भारी पड़ रहा है रूस, 18 महीने से चल रही थी तैयारी

Written By:
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। सीरिया में पिछले काफी समय से गृहयुद्ध चल रहा है, लेकिन जिस तरह से हाल ही में रासायनिक हमला किया गया और हजारों लोग यहां मारे गए उसके बाद आखिरकार मित्र देश भी सीरिया के युद्ध में मैदान में उतर आए हैं। शनिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया में हवाई हमले का ऐलान कर दिया है। ट्र्ंप के साथ सीरिया में इस हमले के साथ फ्रांस और ब्रिटेन भी साथ हैं। माना जा रहा है कि इस हमले की तैयारी रूस ने 18 महीने पहले ही कर दी थी, जिसकी वजह से मित्र देशों के हवाई हमले का सीरिया पर कोई खास असर नहीं हुआ है।

    71 मिसाइलें मार गिराई

    71 मिसाइलें मार गिराई

    जानकारी के अनुसार अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया में कुल 103 मिसाइलें दागी, जिसमे से 71 मिसाइलों को सफलतापूर्व मार गिराया गया। अभी तक अमेरिक द्वारा सीरिया में किए जा रहे हवाई हमले में किसी के भी मारे जाने की खबर नहीं है। हालांकि सीरिया के घर में तीन लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। ट्रंप के सीरिया पर हमले के ऐलान के बाद ही रूस के मुख्य ऑपरेशन्स विभाग के मुखिया कर्नल सर्गेई रुडस्कोई ने कहा था कि सीरिया ने अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन की क्रूज मिसाइल को मार गिराने में जिन एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया है वह एस-125, एस-200, बक क्वाड्रेट, ओसा एयर डिफेंस सिस्टम अहम हैं।

    18 महीने से हो रही थी सप्लाई

    18 महीने से हो रही थी सप्लाई

    सीरिया ने इस डिफेंस सिस्टम को रूस की मदद से तैयार किया है क्योंकि रूस को पहले से इस बात का अंदाजा था कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश सीरिया पर यह हमला कर सकते हैं। जिसकी वजह से रूस ने सीरिया को पहले से ही इन हथियारों को मुहैया कराना शुरू कर दिया था। रूस के जनरल के मुताबिक 18 महीने से रूस सीरिया को यह डिफेंस सिस्टम और तमाम हथियार मुहैया करा रहा है। ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।

    भारी पड़ रहा है रूस

    भारी पड़ रहा है रूस

    रूसी समाचार एजेंसी ताश के अनुसार जनरल रुडस्कोई ने बताया है कि सीरिया पर अमेरिका ने बी-1बी प्लेन से टॉमहॉक और जीबीयू-38 बम दागे हैं। साथ ही ब्रिटेन ने भी सीरिया पर टोरनाडो एयरक्राफ्ट से आठ मिसाइलें दागी हैं। इन तमाम मिसाइलों का सीरिया ने करारा जवाब दिया है और 103 में से 71 मिसाळों को मार गिराया है। इन सब के बीच रूस ने सीरिया को एस-300 मिसाइल सिस्टम देने का फैसला लिया है, ताकि मित्र देशों के हमले को विफल किया जा सके।

    इसे भी पढ़ें- सीरिया अटैक पर भारत का बड़ा बयान, कहा- केमिकल अटैक पर जांच हो

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Here is how Russia is defeating the USA Britain and France in Syria war. Russia knew before 18 months that this was will start.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more