अब हाफिज सईद के बहनोई और ग्लोबल टेरेरिस्ट अब्दुल रहमान मक्की के गायब होने की खबर, अज्ञात लोगों का काम?
Abdul Rehman Makki Missing: अब्दुल रहमान मक्की, जिसे इसी साल जनवरी महीने में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था, पाकिस्तान में उसके लापता होने की खबर आ रही है। वैश्विक आतंकवादी होने के साथ साथ अब्दुल रहमान मक्की, भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी हाफिज सईद का बहनोई भी है।
दावा किया जा रहा है, कि अज्ञात लोग अब्दुल रहमान मक्की को अपने साथ ले गये हैं और उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा है। पिछले हफ्ते ही हाफिज सईद का बेटा कमालुद्दीन सईद भी इसी तरह से गायब हुआ था, जिसकी बाद में हत्या किए जाने की खबर आई थी।

हालांकि, हम इस खबर की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। लेकिन, कई सोशल मीडिया हैंडल से दावा किया गया है, कि अब्दुल रहमान मक्की गायब है और कुछ अज्ञात लोग उसे अपने साथ ले गये हैं।
अब्दुल रहमान मक्की, भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी है, जिसे ग्लोबल टेरेरिस्ट घोषित करवाने के लिए भारत लंबे समय से संघर्ष कर रहा था, हालांकि चीन उसे यूएनएससी में बार बार बचा लेता था, लेकिन इस साल जनवरी में उसे आखिरकार ग्लोबल टेरेरिस्ट घोषित कर ही दिया गया।
कौन है अब्दुल रहमान मक्की?
अब्दुल रहमान मक्की, अमेरिका द्वारा नामित आतंकवादी और लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख और 26/11 का मास्टरमाइंड हाफिज सईद का साला है। जानकारी के मुताबिक, हाफिज अब्दुल रहमान मक्की, जिसे अब्दुल रहमान माकी के नाम से भी जाना जाता है, उसका लश्कर-ए-तैयबा (LeT)) के भीतर काफी दबदबा है। कई खुफिया रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि उसने लश्कर-ए-तैयबा के संचालन के लिए धन जुटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
साल 2020 में, पाकिस्तान के एक आतंकवाद-रोधी अदालत ने आतंकवाद को फंडिंग के एक मामले में मक्की को दोषी ठहराया था और उसे जेल की सजा सुनाई थी। हालांकि, संयुक्त राज्य अमेरिका को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है, इसलिए वह मक्की के बारे में लगातार जानकारियां मांगता रहा है। अमेरिका को पाकिस्तान पर इसलिए भरोसा नहीं है क्योंकि वहां की न्यायिक प्रणाली ने पूर्व में लश्कर के दोषी नेताओं और गुर्गों को रिहा कर चुका है।

अब्दुल रहमान मक्की के ऊपर भारत में कई आतंकी घटनाओं के पीछे मास्टरमाइंड होने का आरोप रहा है, जिसमें 22 दिसंबर 200 को लाल किले पर किया गया हमला भी शामिल है, जिसमें 6 आतंकियों ने लाल किले में घुसकर सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसमें दो दवानों के साथ साथ 3 लोगों की मौत हो गई थी।
इसके अलावा, 1 जनवरी 2008 को रामपुर में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया गया था, जिसमें 7 जवानों और एक रिक्शा चालक की मौत हो गई थी, इसमें भी अब्दुल रहमान मक्की को ही मास्टरमाइंड ठहराया गया था।












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