H1-B वीजा रद्द होने के बाद गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का बड़ा बयान
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H1-B वीजा को इस वर्ष के अंत तक के लिए रद्द कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप के ऐलान पर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने इसपर निराशा जाहिर की है। सुंदर पिचाई ने ट्वीट कर लिखा कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था में प्रवासियों का बहुत बड़ा योगदान है। इसके चलते तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका ग्लोबल लीडर बना है और गूगल कंपनी भी। डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा पर पिचाई ने कहा कि आज की घोषणा से मैं बहुत निराश हूं और हम सभी अप्रवासियों के साथ खड़े हैं, हम सभी के लिए बेहतर अवसर के विस्तार के लिए काम करेंगे।

वहीं द लीडरशिप कॉन्फ्रेंस ऑन सिविल एंड ह्यूमन राइट्स के अध्यक्ष और सीईओ वनिता गुप्ता ने बयान जारी करके ट्रंप प्रशासन के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ताजा प्रतिबंध उसी रंगभेद की नई शुरुआत है। गौरतलब है कि सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह फैसला काफी आवश्यक था और इस फैसले से उन अमेरिकी लोगों को राहत मिलेगी जो मौजूदा समय में आर्थिक संकट के चलते अपनी नौकरी खो चुके हैं। दरअसल अमेरिका में इसी वर्ष नवंबर माह में चुनाव होना है, लिहाजा चुनाव के ऐलान स पहले माना जा रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप इस तरह के अलग-अलग फैसले ले रहे हैं।
H-1B वीजा के निलंबन का फैसला 24 जून से ही लागू हो जाएगा। ऐसे में अमेरिका के इस फैसले से यूएस में काम कर रहे भारतीय प्रोफेशनल्स को बड़ा झटका लगेगा। H-1B वीजा को एक निश्चित समय के लिए जारी किया जाता है। यह एक तरह का गैर प्रवासी वीजा है। अमेरिका में कुशल कर्मचारियों को रोजगार देने के लिए यह वीजा दिया जाता है। दरअसल अमेरिका में कुशल कर्मचारियों की कमी है, ऐसे में इस वीजा के जरिए विदेश के कर्मचारियों को अमेमरिका की कंपनियां नौकरी दे सकती हैं। इसकी वैद्यता 6 महीने से एक साल तक की होती है।
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