भीषण गर्मी से उबल रहा ब्रिटेन और फ्रांस, सूखने की कगार पर थेम्स नदी! जंगल की आग ने ढाया कहर, चेतावनी जारी
यूरोप में जलवायु परिवर्तन का आलम तो देखिए, दक्षिणी फ्रांस की जंगलों में भीषण आग ने चिंता को और भी अधिक बढ़ा दिया है। इन सबके बीच इंग्लैंड से हीटवेव की चेतावनी आ गई है।
लंदन/पेरिस, 11 अगस्त: दक्षिणी फ्रांस में विनाशकारी जंगल की आग के बीच इंग्लैंड में 'हीटवेव' की चेतावनी आई है। ब्रिटेन वैसे भी घोर ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में वहां हीटवेव की चेतावनी लोगों के लिए किसी गंभीर सजा से कम नहीं है। खबर के मुताबिक, इंगलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड और स्कॉटलैंड के कुछ हिस्सों में गुरुवार से चार दिवसीय अत्यधिक गर्मी की चेतावनी जारी कर दिया गया है। क्योंकि देश में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक लू (हीटवेव) के कारण जल आपूर्ति और परिवहन सेवाएं बाधित हो सकती हैं। मौसम विभाग ने भीषण गर्मी को लेकर चेतावनी जारी कर दी है।

यूरोप में भीषण गर्मी का कहर जारी
हीटवेव का असर
ब्रिटेन सहित यूरोप के कई देशों में बिजली की अवस्था खराब हो चली है। इससे जलवायु संकट के साथ-साथ ऊर्जा संकट की दोहरी मार झेलने की विकट परिस्थिति उत्पन्न हो गई है। हीटवेव की वजह से कुछ समय पहल ब्रिटेन में अपातकाल की घोषणा कर दी गई थी। लोग बेहाल हुए जा रहे थे लेकिन गर्मी का पारा चढ़ता ही चला जा रहा था। एक बार फिर से वैसी स्थिति फिर से उत्पन्न हो गई है। उत्तर-पश्चिम और मध्य यूरोप एक और भीषण गर्मी की चपेट झेल रहा है।

सूख रहा टेम्स नदी का पानी
ब्रिटेन में पिछले कुछ दिनों से चिलचिलाती गर्मी की वजह से टेम्स नदी का पानी सूख गया है। इससे जुड़ी कुछ तस्वीरों को ऑनलाइन शेयर किया गया है। ऐसे में जल्द ही इस इलाके को आधिकारिक तौर सूखा ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जा सकता है। दूसरी तरफ इंग्लैंड का प्रसिद्ध हरा-भरा ग्रामिण इलाका गर्मी की वजह से हरे से पीले रंग में तब्दिल हो गया है। एक 60 साल के बुजुर्ग ने बताया कि हमें तो ऐसा लग रहा है जैसे हम इंग्लैंड में नहीं अफ्रीका के शुष्क सवाना के जंगलों में आ गए हों।

फ्रांस की जंगलों में आग
वहीं, यूरोप में जलवायु परिवर्तन का आलम तो देखिए, दक्षिणी फ्रांस की जंगलों में भीषण आग ने चिंता को और भी अधिक बढ़ा दिया है। इन सबके बीच इंग्लैंड से हीटवेव की चेतावनी आ गई है। गर्मी से पूरा फ्रांस और ब्रिटेन त्रस्त है और जंगल की आग ने लोगों को घर छोड़कर भागने पर मजबूर कर दिया है।

फ्रांस में जलवायु परिवर्तन का भयानक असर
फ्रांस में जलवायु परिवर्तन के असर से जंगल में आग विनाश फैलाता जा रहा है। आसपास के इलाकों में तापमान को और अधिक बढ़ा दिया है। लोगों की संपत्तियां जलकर खाक होती जा रही हैं। 6,800 हेक्टेयर से अधिक जंगल जल चुके हैं। जहां यह आग लगी है, उसके करीब होस्टेंस नाम का एक छोटा सा शहर है। होस्टेंस के मेयर जीन-लुई डार्टियाल ने रेडियो क्लासिक को रॉयटर्स के हवाले से बताया"क्षेत्र पूरी तरह से विकृत हो गया है। हमारा दिल टूट चुका है, हम थक गए हैं। वहीं, अन्य यूरोपीय देशों में भी गर्मी की वजह से लोग राहत की सांस नहीं ले पा रहे हैं। यहां का तापमान 40 डिग्री को पार कर जाता है। फ्रांस में जंगल की आग को बुझाने के लिए करीब एक हजार अग्निशामकों को बुलाया गया है।

गर्मी से उबल रहा ब्रिटेन
साल 1935 के बाद से ब्रिटेन जुलाई के महीने में सबसे शुष्क मौसम का सामना किया। अधिकारियों ने पहली बार रेड अलर्ट की घोषणा करने के लिए मजबूर हो गए। देश में आपातकाल की घोषणा कर दी गई। बता दें कि, जुलाई की हीटवेव के कारण, ब्रिटेन में बिजली की भारी कटौती हुई, हवाई अड्डे के रनवे और रेल पटरियों को भारी नुकसान पहुंचा। दूसरी तरफ गर्मी के कारण कई जगहों पर धमाके भी हुए। बता दें कि, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद फायर ब्रिगेड ने जुलाई के महीने में सबसे अधिक काम किया।
(Photo Credit: Twitter)












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