Capital Punishment: इन देशों बेहद खौफनाक तरीके से दी जाती है मौत की सजा, कहीं दिल में गोली तो कहीं पत्थर
Capital Punishment: दुनिया में मौत की सजा सदियों से न्यायिक प्रणाली का एक गंभीर और विवादास्पद हिस्सा रही है। हर देश, हर सभ्यता ने इसे अपने कानून, संस्कृति और सामाजिक मान्यताओं के अनुसार अपनाया है। कहीं इसे इंसाफ का आखिरी हथियार माना गया है, तो कहीं मानवाधिकारों के नजरिए से इसकी तीखी आलोचना हुई है। मौत की सजा का उद्देश्य अपराध को रोकना, समाज को सुरक्षित बनाना और न्याय तय करना होता है।
कहीं फांसी-कहीं गोली
अलग-अलग देशों में मौत की सजा के तरीके भी काफी अलग हैं, कहीं फांसी दी जाती है, तो कहीं गोली मारकर अपराधी को सजा दी जाती है, कहीं कुर्सी पर बैठाकर और कई जगह जहरीली इंजेक्शन के जरिए उसे अंजाम तक पहुंचाया जाता है। इन तरीकों के पीछे की सोच और समाज की मानसिकता भी अलग-अलग होती है।

गोली मारकर मौत की सजा
कई देश तो ऐसे हैं, जहां छोटे क्राइम करने पर भी आपको कई महीने या फिर सालों तक जेल में रहना पड़ता है। कुछ देशों में हत्या, बलात्कार और क्रूरता जैसे गंभीर अपराधों के लिए मौत की सजा का प्रावधान है, लेकिन मौत की सजा को लेकर भी दुनिया के अलग-अलग देशों में अलग तरीके का इस्तेमाल होता है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 73 देशों में दोषी को गोली मारकर मौत की सजा दी जाती हैं। कई देशों में मौत की सजा देने के एक से ज्यादा तरीके भी हैं। इन देशों में यमन, बहरीन, चिली, थाइलैंड, इंडोनेशिया और अर्मेनिया जैसे देश शामिल है।
इन देशों में है मौत के लिए फांसी का प्रावधान
दुनिया के 58 ऐसे देश हैं, जहां मौत की सजा के लिए दोषी पाए जाने पर फांसी दी जाती है। हालांकि इससे ज्यादा देशों में मौत की सजा देने के लिए बंदूक का इस्तेमाल किया जाता हैं। भारत समेत दुनिया के 33 देशों में सिर्फ फांसी के जरिए ही मौत की सजा दी जा सकती है। इसके अलावा मौत की सजा देने का कोई दूसरा विकल्प मौजूद नहीं है।
पत्थर मार-मारकर लेते हैं जान
दुनिया के छह देशों में स्टोनिंग यानी पत्थर मारकर यह दंड दिया जाता है। इनमे सोमालिया, अफगानिस्तान समेत और भी कई देश शामिल हैं। इसके अलावा तीन देशों में सिर काट कर इस सजा को अंजाम दिया जाता है।
इंजेक्शन लगाकर देते हैं मौत की सजा
इंजेक्शन के जरिए मौत की सजा कई देशों में इस्तेमाल की जाती है, खासकर उन जगहों पर जहां इसे एक "किफायती" और कम दर्द का तरीका माना जाता है। इन देशों में चीन, फिलीपींस और वियतनाम समेत दुनिया के पांच देशों में इंजेक्शन देकर मौत की सजा दी जाती है। इन देशों में इंजेक्शन को एक "मानवीय" तरीका माना जाता है क्योंकि इससे दर्द कम होता है, हालांकि इसकी नैतिकता पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं।
अलग-अलग देशों में क्या होता है
बीबीसी की रेपोर्ट के अनुसार दुनिया के कई देशों में इस तरह दी जाती है फांसी की सजा।
-फायरिंग, फांसी, पथराव:- अफ़ग़ानिस्तान, सूडान
-फायरिंग, फांसी:- बांग्लादेश, केमरून, सीरिया, युगांडा, कुवैत, ईरान, मिस्र
-फांसी:- भारत, मलेशिया, बारबाडोस, बोत्सवाना, तंजानिया, जाम्बिया, जिंबाब्वे, दक्षिण कोरिया
-फायरिंग:- यमन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान, थाइलैंड, बहरीन, चिली, इंडोनेशिया, घाना, अर्मीनिया
-इंजेक्शन और फ़ायरिंग:- चीन
-इंजेक्शन:- फिलीपींस
-इलेक्ट्रोक्यूशन, गैस, फांसी, फ़ायरिंग:- अमरीका
हालांकि दुनिया के कई देश ऐसे भी हैं, जो मौत की सजा को खत्म कर चुके हैं। दुनिया के 97 देश अब तक ऐसा कर चुके हैं। इनमे कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, और न्यूजीलैंड समेत 94 देश शामिल हैं।












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