US Elections: अमेरिकी चुनाव में सत्ता हथियाने के लिए की जाती है धुर्तता, वोट धांधली यानि गेरीमैंडरिंग क्या है?
What is gerrymandering: इसे साफ साफ शब्दों में वोट धांधली, सत्ता हथियाने के लिए धुर्तता कहा जाता है, लेकिन अमेरिका में यह कानूनी है और चाहे रिपब्लिकन पार्टी हो या डेमोक्रेटिक पार्टी, दोनों ही ऐसा खुलेआम करते हैं।
गेरीमैंडरिंग, राजनीतिक दलों के पक्ष में मतदान फिर से परिभाषित करने की प्रक्रिया है और इसे उस वक्त से ही अपनाया गया है, जब से संयुक्त राज्य अमेरिका में लोकतंत्र की स्थापना हुई थी। फिर भी आधुनिक राजनीतिक प्रक्रिया ये अभी भी एक अहम हिस्सा है। इस साल के आम चुनाव में भी, यह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के साथ-साथ राज्य विधानसभाओं के लिए महत्वपूर्ण रेस के नतीजों को प्रभावित कर सकता है।

गेरीमैंडरिंग कैसे काम करती है?
अमेरिका में आम तौर पर हर दस साल पर राज्य की सरकारें जनसंख्या परिवर्तन को दर्शाने के लिए जिलों की जनसंख्या को अपडेट करती हैं। और यहीं से इलेक्शन प्रक्रिया में गेरीमैंडरिंग घुस आती है। राजनीतिक दल, राज्य विधानसभाओं और कांग्रेस (संसद) में अपने पक्ष को सबसे ज्यादा सीटें दिलाने के लिए चुनावी नक्शे को फिर से खींचने की कोशिश करते हैं।
समान विचारधारा वाले मतदाताओं को एक साथ लाने या उन्हें बांटने के लिए जिले की सीमाओं में जमकर हेरफेर किया जाता है, जिससे उनकी मतदान शक्ति या तो बढ़ जाती है या कम हो जाती है।
परिणाम अक्सर विकृत जिले होते हैं, जिनकी सीमाएँ कुछ मतदाताओं को शामिल करने और अन्य को बाहर रखने के लिए खींची जाती हैं। ऐसा करने से होता ये है, कि जिन जिलों की सीमाओं को पूरी तरह से विकृत यानि तहस-नहस कर दिया जाता है, वो जिले किसी मजबूत उम्मीदवार का खेल खराब कर सकते हैं, अगर उस उम्मीदवार की पार्टी की सरकार उस राज्य में ना हो।
अमेरिका में गेरीमैंडरिंग, राजनेताओं को अपने मतदाताओं को एक साथ लाने की कानूनी तौर पर इजाजत देता है।
इस शब्द का आविष्कार 1812 में हुआ था, जब मैसाचुसेट्स के गवर्नर एलब्रिज गेरी ने अपनी पार्टी को लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सीनेट के लिए चुनावी मानचित्र को फिर से तैयार किया था।
और नया जिला जो तैयार हुआ, उसका आकार अजीबोगरीब हो गया था। जिला किसी गिरगिट की तरह दिखने लगा था।
उस वक्त के कार्टूनिस्ट एल्काना टिस्डेल ने जिले के नक्शे को देखने के बाद उसे एक पौराणिक प्राणी के नाम पर "गेरी-मैंडर" नाम दिया और उसके बाद से यूएस इलेक्शन में ये नाम काफी प्रचलित हो गया।

आत्मसंतुष्ट राजनेताओं को तैयार करना?
गेरीमैंडरिंग यूएस इलेक्शन में काफी विवादास्पद माना जाता है, और सिर्फ इसलिए नहीं, कि इसके जरिए थोक के भाव से वोट हथियाए जाते हैं, बल्कि आलोचकों का दावा है, कि यह नस्लीय अल्पसंख्यकों की मतदान शक्ति को कमजोर करता है और ये लोकतंत्र को कमजोर करता है।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स की तरफ से 2023 में किए गए एक स्टडी में पाया गया, कि गेरीमैंडरिंग अक्सर राजनेताओं के लिए "सुरक्षित" सीटें बनाती है, जिसका मतलब है, कि उनकी चुनावी रेस के सामने आने वाली समस्याओं को काफी कम करते हुए विरोधी उम्मीदवार की शक्ति को बिखेर देता है। इसका नतीजा ये होता है, कि जीतने वाले राजनेता, जनता को लेकर काफी कम संवेदनशील हो जाते हैं और मतदाताओं का उत्साह भी मतदान को लेकर काफी कम हो जाता है।
अमेरिका के आठ राज्यों में जिलों के नक्शे को फिर से बनाने के लिए कई तरह के कानून बनाए गये हैं, ताकि गेरिमैंडरिंग को रोका जाए, वहीं कुछ राज्य ऐसे हैं, जो जिलों के नक्शों को फिर से बनाने के लिए स्वतंत्र आयोगों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ज्यादातर राज्य ऐसे हैं, जहां गेरिमैंडरिंग को लेकर कोई कानून या कोई गाइडलाइंस नहीं हैं।
अमेरिकी संसद भी पक्षपातपूर्ण गेरीमैंडरिंग पर प्रतिबंध लगाने में नाकाम रहे हैं।
2019 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था, कि जिलों के नक्शों का फिर से निर्धारण या मतदान मानचित्र फिर से बनाने को लेकर कानूनी लड़ाई से निपटना राज्यों की अदालतों पर निर्भर करता है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की वजह का असर ये हुआ, कि अमेरिका के तमाम राज्यों में गेरीमैंडरिंग को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है और हालिया समय में कुछ राज्यों की अदालतों से आए फैसलों की वजह से 2024 का राष्ट्रपति चुनाव प्रभावित हो सकता है।
उदाहरण के लिए, साउथ कैरोलिना में जिलों का जो नया नक्शा खींचा गया है, उसने एक स्विंग जिले को पूरी तरह से डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में एक सुरक्षित सीट कर दिया है, जिससे मतदान अधिकार अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया है। इस बीच, लुइसियाना और अलबामा में जो नये मतदान मानचित्र बनाए गये हैं, उसने तय कर दिया है, कि राज्य में कम से कम एक और हाउस सीट कमला हैरस को मिल जाएगा।
वहीं, उत्तरी कैरोलिना में हाईकोर्ट ने एक गेरीमैंडर किए गए कांग्रेसी मानचित्र के पक्ष में फैसला सुनाया, जिससे संभवतः रिपब्लिकन को सदन में तीन और सीटें मिल सकती हैं। उनमें से प्रत्येक दौड़ महत्वपूर्ण है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा पर नियंत्रण जिला-स्तरीय वोटों द्वारा तय किया जाता है, जबकि राष्ट्रीय कानून का भाग्य अधर में लटका रहता है।
यानि, दोनों ही पार्टियां अपने अपने पक्ष में गेरीमैंडरिंग कर रही हैं और तमाम विवादों के बाद भी आज की तारीख में भी ऐसा हो रहा है।












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