जर्मनी की चेतावनीः फिर बढ़ रहा है इस्लामिक स्टेट का प्रभाव
वाशिंगटन, 29 जून। 83 देशों के विदेश मंत्रियों के एक सम्मेलन में अमेरिका और जर्मनी ने चेतावनी दी है कि अफ्रीका में इस्लामिक स्टेट अपने पांव पसार रहा है. जर्मनी के विदेश मंत्री हाइको मास ने कहा कि इस उग्रवादी संगठन को अभी हराया नहीं जा सका है.
मास ने कहा कि अपने जन्मस्थल सीरिया और इराक के बाहर इस संगठन का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, "इराक और सीरिया में आईएस को पीछे धकेल दिया गया है लेकिन हराया नहीं जा सका है." उन्होंने अफगानिस्तान में आईएस के बढ़ते प्रभाव पर भी चिंता जताई.

मास ने हालांकि माली से तुरंत फौजें वापस बुलाने की संभावना को खारिज कर दिया. माली में पिछले हफ्ते ही एक आतंकी हमले में 12 सैनिक घायल हो गए थे. उन्होंने कहा, "हमें यह समझना होगा कि इस क्षेत्र में आतंक का गढ़ बनने का खतरा बढ़ रहा है. इसलिए यहां सहयोगियों के साथ लगातार वाद-संवाद बनाए रखना जरूरी है." जर्मनी के करीब 250 सैनिक इराकी फौजों को ट्रेनिंग दे रहे हैं.
अफ्रीका पर ध्यान
सम्मेलन के आयोजक इटली ने कहा कि अफ्रीका में अतिवादियों के खतरे से निपटने के लिए वह एक टास्क फोर्स बनाना चाहता है. हालांकि विदेश मंत्री लुइजी डी मायो ने इस योजना पर विस्तार से कुछ नहीं बताया. उन्होंने मीडिया से कहा कि इस महाद्वीप में आईएस के खतरों को पहचानना और रोकना जरूरी है.
अमेरिका विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन भी इस सम्मेलन में मौजूद रहे. उन्होंने अफ्रीका महाद्वीप में आतंकवाद के खतरों से निपटने में इटली की मदद करने का वादा किया. उन्होंने कहा, "हम इटली की पहल का पूरी मजबूती से समर्थन करते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दाएश के विरुद्ध गठबंधन का ध्यान अफ्रीका पर केंद्रित रहे, जबकि सीरिया और इराक पर करीबी नजर बनी रहे."
पिछले हफ्ते ही जर्मनी की चांसलर अंगेला मैर्केल ने पश्चिमी अफ्रीका में आतंकवाद से लड़ने के लिए और ज्यादा अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अपील की थी. शुक्रवार को माली में हुए हमले के बाद फ्रांस और जर्मनी की संसदों के संयुक्त सत्र में उन्होंने कहा, "आने वाले दिनों में हमें इन सारे अभियानों को एक साथ लाना होगा और उनके बीच तालमेल बढ़ाना होगा."
सीरिया पर अमेरिका की चेतावनी
अमेरिकी विदेश मंत्री ने गठबंधन के साझीदारों से सीरिया के शिविरों में रह रहे अपने-अपने नागरिकों को वापस लाने का आग्रह किया. ब्लिंकेन ने कहा कि कुर्द फौज सीरियन डेमोक्रैटिक फोर्सेस की अगुआई में चलाए जा रहे शिविरों में दस हजार ऐसे संदिग्ध आईएस लड़ाके रह रहे हैं, जिन्हें युद्ध के दौरान गिरफ्तार किया गया था. इस स्थिति को अस्थिर बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा अनिश्चित काल तक नहीं चल सकता.
2019 में इस्लामिक स्टेट पूर्वी सीरिया में अपना आखिरी कब्जा भी हार गया था. हालांकि सीरिया और इराक में यह संगठन आज भी सक्रिय है और यदा कदा आतंकवादी हमलों को अंजाम देता रहता है. इस साल जनवरी में इराक की राजधानी बगदाद में हुए एक हमले में कम से कम 30 लोग मारे गए थे. इसी महीने की शुरुआत में आईएस ने अफगानिस्तान में हुए एक आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 10 लोगों की जान चली गई थी.
इस संगठन से जुड़े लोग दुनिया के कई हिस्सों में सक्रिय माने जाते हैं, जिनमें अफगानिस्तान, यमन, मिस्र का उत्तरी सिनाई और पश्चिमी अफ्रीका शामिल हैं.
वीके/एए (एएफपी, डीपीए)
Source: DW
-
Badshah Caste: बॉलीवुड के फेमस रैपर बादशाह की क्या है जाति? क्यों छुपाया असली नाम? कौन-सा धर्म करते हैं फॉलो? -
Iran Vs America War: अमेरिका ने किया सरेंडर! अचानक ईरान से युद्ध खत्म करने का किया ऐलान और फिर पलटे ट्रंप -
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
Bengaluru Metro Pink Line: मेट्रो पिंक लाइन का शुरू हो रहा ट्रायल, जानें रूट और कब यात्री कर सकेंगे सवारी? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर












Click it and Unblock the Notifications