आखिरकार आ ही गई मंदी, दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था वाला जर्मनी बना इसका पहला शिकार
जर्मनी अब औपचारिक रूप से मंदी का शिकार बन चुकी है। ताजा आंकड़ों से इस बात की जानकारी मिल रही है कि चालू साल की पहली तिमाही में जर्मनी की अर्थव्यवस्था में अप्रत्याशित गिरावट आई है।

2022 से ही पूरी दुनिया में 2023 की मंदी की चर्चा हो रही है। इसे लेकर कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां व विश्लेषक समय-समय पर आगाह करते रहे हैं। इस बीच खबर आ रही है कि जर्मनी इसका पहला शिकार बन चुका है।
जर्मनी के सांख्यिकी कार्यालय ने गुरुवार को अर्थव्यवस्था और आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों को जारी किया है। इसके आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2023 तिमाही के दौरान जर्मनी के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में 0.3 फीसदी की गिरावट आई है।
इससे पहले साल 2022 की आखिरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर के दौरान जर्मनी की जीडीपी में 0.5 फीसदी की गिरावट आई थी। ऐसा माना जाता है कि यदि कोई अर्थव्यवस्था लगातार दो तिमाही के दौरान सिकुड़ती है, तब उसे आर्थिक मंदी का शिकार माना जाता है।
ये आंकड़े जर्मनी की सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बीते महीने ही सरकार ने इस साल के लिए अपने वृद्धि दर के अनुमान को दोगुना कर दिया था। सरकार ने कहा था कि देश की अर्थव्यवस्था 0.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। जनवरी में इसके 0.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया गया था।
इससे पहले जर्मनी की फेडरल एजेंसी ने हल्की मंदी की आशंका जताई थी और उन्हें मार्च तिमाही के दौरान जीडीपी की वृद्धि दर शून्य रहने की उम्मीद थी। हालांकि बाद में सामने आई परिस्थितियों के हिसाब से आकलन करने पर पाया गया कि मार्च तिमाही के दौरान वास्तव में जीडीपी की साइज में गिरावट आई है।
दुनिया की चौथी सबसे बड़ी और यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी के मंदी में होने की पुष्टि के कारण यूरो गुरुवार को तेजी से गिर गया। इसके साथ ही डॉलर भी दो महीने के शिखर पर पहुंच गया है। अमेरिकी डिफॉल्ट की चिंता बढ़ने की वजह से सुरक्षित-हेवन की मांग की गई थी जिसकी वजह से डॉलर मजबूत हुआ है।












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