G7 में PM मोदी से भटकते हुए मिले कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो! खालिस्तान विवाद के बाद पहली बार आमने-सामने
G7 Summit (PM Modi & PM Justin Trudeau): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली में जी-7 शिखर सम्मेलन में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात की। जस्टिन ट्रूडो से पीएम मोदी की हुई ये मुलाकात काफी चर्चा में रही। ये पहली बार था जब कनाडा के लगाए आरोपों के बाद पीएम मोदी और उनके समकक्ष जस्टिन ट्रूडो एक-दूसरे से मिले हों।
जस्टिन ट्रूडो ने पिछले साल कनाडा में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय सरकारी एजेंटों के शामिल होने का दावा करते हुए भारत पर आरोप लगाए थे। हालांकि भारत ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। कनाडा ने इस मामले के सिलसिले में चार भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है।

भारत-कनाडा विवाद के बाद ये पहली बार है, जब पीएम मोदी और जस्टिन ट्रूडो आमने सामने थे। हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने पीएम मोदी और जस्टिन ट्रूडो के मुलाकात की कोई जानकारी नहीं दी थी।
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रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी और जस्टिन ट्रूडो की मुलाकात जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान पहले से तय नहीं था। लेकिन दुनियाभर की निगाहें इस बात पर टिकी थी कि पिछले काफी समय से भारत और कनाडा के बीच जो विवाद चल रहा है, उसके बाद दोनों देशों के प्रधानमंत्री की मुलाकात में क्या होता है।
PM मोदी और पीएम जस्टिन ट्रूडो के बीच क्या बातचीत हुई?
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जो तस्वीरें शेयर की हैं, उसमें दोनों नेता गर्मजोशी से अभिवादन करते दिख रहे हैं। पीएम मोदी ने तस्वीर को शेयर कर लिखा, ''जी7 शिखर सम्मेलन में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात की।''
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी और प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने छोटी सी मुलाकात के दौरान खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत-कनाडा संबंधों में गंभीर तनाव के बारे में बातचीत की।
India Canada Row: भारत और कनाडा के बीच क्या है विवाद?
पिछले साल सितंबर में जस्टिन ट्रूडो ने जब ब्रिटिश कोलंबिया में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की भूमिका का आरोप लगाया था तो भारत और कनाडा के बीच संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था। हालांकि भारत ने ट्रूडो के आरोपों को "बेतुका" और "प्रेरित" बताते हुए खारिज कर दिया था।
भारत का कहना है कि दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा यह है कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक तत्वों को पनाह दी जा रही है और उन्हें दंडित नहीं किया जा रहा है। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने हाल ही में कहा है कि कनाडा के साथ भारत का मुख्य मुद्दा ओटावा (कनाडा की राजधानी) द्वारा चरमपंथ और हिंसा की वकालत करने वाले भारत विरोधी तत्वों को राजनीतिक जगह देना है।












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