‘फ्रांस में हिंसा के लिए वीडियो गेम जिम्मेदार’, राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा- सोशल मीडिया पर दंगाई बना रहे प्लान
फ्रांस में 17 साल के एक नाबालिग की पुलिस की गोली लगने से हुई मौत के बाद से लगातार हिंसा जारी है। दर्जन भर से अधिक शहरों में हिंसक विरोध प्रदर्शन से निपटने के लिए शुक्रवार को बख्तरबंद वाहनों के साथ 45,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, बावजूद हिंसा जारी रही।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन से वापस आकर इस मुद्दे पर एक आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में में राष्ट्रपति ने घटना की निंदा की और इसके अस्वीकार्य बताया। उन्होंने लगातार चार दिन से चल रही इस हिंसा के लिए 'वीडियो गेम' को जिम्मेदार बताया।

राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि कुछ युवा वीडियो गेम्स को कॉपी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "कभी-कभी हमें लगता है कि कुछ युवा सड़कों पर उन वीडियो गेम्स को फिर से जी रहे हैं, जिन्होंने उन्हें नशे में डाल दिया है।"
राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि दंगा में गिरफ्तार हुए लोगों में से एक तिहाई ऐसे हैं, जिनकी उम्र 14 से 18 साल के बीच है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को घर में रखने और हिंसा से दूर रखने की अपील की। राष्ट्रपति ने कहा कि इसे रोकने के लिए मां-पिता को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
मैक्रों ने कहा कि दंगों के लिए स्नैपचैट और टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन मीटिंग की जा रही थीं। दंगों के दौरान वीडियो बनाए गए और उन्हें सोशल मीडिया पर सर्कुलेट किया गया। इससे हिंसा और भड़की। मैक्रों ने इन सोशल मीडियो प्लेटफॉर्म्स से ऐसे कंटेंट को हटाने को कहा है
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस के गृहमंत्री गेराल्ड डार्मानिन ने कहा कि शुक्रवार रात को कम से कम 471 गिरफ्तारियां हुई हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश में विरोध प्रदर्शन की रफ्तार कुछ थमी है।
उन्होंने कहा कि एक दिन पहले हिंसा में 900 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि पेरिस में हालात कुछ ठीक थे। वहां कुछ छिटपुट घटनाओं की सूचना मिली थी। जबकि मार्सिल में अराजकता जारी रही। मार्शिल में 87 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
मार्सिल के मेयर ने केंद्र सरकार से तुरंत अतिरिक्त सैनिक भेजने का आह्वान किया है। इसके साथ ही उन्होंने शहर में रात में चलने वाली बस-मेट्रो सेवा को बंद करने की मांग की है। इधर फ्रांसीसी अभियोजक ने कहा कि किशोर पर गोलीबारी के मामले में अधिकारी को हत्या के प्राथमिक आरोप सौंप दिये गये हें।
इस घटना के बाद दंगे भड़क उठे थे। पेरिस में यातायात रोकने के दौरान हुई गोलीबारी के बाद भड़की हिंसा और दंगों को रोकने के लिए क्रैक पुलिस यूनिट और अन्य सुरक्षाबलों को देशभर में तैनात किया गया।
आपको बता दें, कि 27 जून को फ्रांसीसी पुलिस ने सुबह 9 बजे ट्रैफिक जांच के दौरान कार से जा रहे 17 साल के नाहेल एम नाम के लड़के को गोली मार दी थी। इस हादसे को लेकर पुलिस ने दावा किया कि कार के टायर पर फायर करने के दौरान चालक को गोली लगी।
हालांकि बाद में वायरल हुए फोटो में दिखा कि ट्रैफिक पुलिस उस लड़के को रोकने की कोशिश करते हैं, लेकिन वो भागने की कोशिश करता है, जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस गोली चला दे देती है। फ्रांस में इस साल की ये तीसरी घटना है, जब ट्रैफिक पुलिस की गोली लगने से किसी की मौत हुई है।
इस बीच मारे गए 17 वर्षीय लड़के की मां ने केवल उस पुलिसकर्मी को दोषी ठहराया है जिसने उसके बेटे को गोली मार दी, जिससे पूरे फ्रांस में दंगे भड़क उठे। एक चैनल को इंटरव्यू देते हुए नाहेल की मां ने कहा, "मैं पुलिस को दोष नहीं देती, मैं केवल एक व्यक्ति को दोषी ठहराती हूं, जिसने मेरे बेटे की जान ले ली।" उन्होंने आगे कहा, "उसने अरब जैसा दिखने वाला एक छोटा सा बच्चा देखा, वह उसकी जान लेना चाहता थे।"












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