फ्रांस में टीचर का सिर काटे जाने को लेकर सड़कों पर उतरे लोग, बोले- हम डरे नहीं
पेरिस। फ्रांस में स्कूली टीचर सैम्युएल पैटी की हत्या हुई थी। कॉनफ्लैंस सेंट-होनोरिन में 18 वर्षीय एक लड़के ने सैम्युएल की गर्दन काटी थी। टीचर की इसलिए हत्या कर दी गई थी क्योंकि उन्होंने अपने छात्रों के साथ पैगंबर मोहम्मद से जुड़े कार्टून की चर्चा की थी। पुलिस ने लड़के का एनकाउंटर कर दिया है। इस हत्या के विरोध में रविवार को लाखों लोग सड़कों पर उतरे। मृत शिक्षक के साथ अपना समर्थन जताया। लोगों ने रैली में अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा- 'हम डरे नहीं हैं।' वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने घटना को 'इस्लामिक हमला' बताया था।

गौरतलब है कि शरणार्थी इस्लामिक आतंकवादी का जन्म मॉस्को में हुआ था और यह चेचेन्या का शरणार्थी था। उसने सिर कलम करने का वीडियो भी बनाया और उसके बाद उस गंभीर क्लिप को ऑनलाइन पोस्ट कर दिया। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक पेरिस के बड़े नेताओं ने भी इस रैली में शिकरत की। रैली में हिस्सा लेने वाले फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन कास्टेक्स ने ट्वीट किया- 'आप हमें डराए नहीं। हम डरे नहीं हैं।
आप हमें बांट नहीं सकते हैं। हमलोग फ्रांस हैं। इस रैली में कुछ ने हाथों में तख्तियां ली हुई थीं जिन पर लिखा था 'मैं सैम्युएल हूं'। आपको बता दें कि यह प्रदर्शन 'मैं चार्ली हूं' से मिलता-जुलता था जो 2015 में अखबार चार्ली हेब्दो पर हमले के बाद हुआ था। इस अखबार ने पैगंबर के कार्टून छाप दिए थे। इस हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी।












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