राष्ट्रपति को चाय पिलाने वाला ही निकला 40 लाख का चोर, प्रेसिडेंट हाउस से चोरी हुए 18वीं सदी के बेशकीमती बर्तन
France President House Theft: फ्रांस के राष्ट्रपति भवन 'एलीजी पैलेस' से करीब 40 लाख रुपये के शाही बर्तन चोरी होने के मामले ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। पेरिस पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि इस बड़ी चोरी का मास्टरमाइंड राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का बेहद करीबी और पूर्व मुख्य खिदमतगार (बटलर) थॉमस एम है।
राष्ट्रपति को चाय और शराब परोसने वाले इस भरोसेमंद कर्मचारी ने दो साल तक धीरे-धीरे पैलेस की ऐतिहासिक संपत्तियों पर हाथ साफ किया। यह मामला तब खुला जब पैलेस की इन्वेंट्री में बर्तनों की कमी पाई गई। वर्तमान में पुलिस ने आरोपी बटलर और चोरी का माल खरीदने वाले कलेक्टर को गिरफ्तार कर लिया है।

दो साल तक चली 'किश्तों' में चोरी
पुलिस के मुताबिक, थॉमस एम (Thomas M Butler Theft) ने इस चोरी को किसी फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया। वह पिछले दो सालों से राष्ट्रपति भवन से हर रोज एक-एक बर्तन गायब करता था। वह इतने शातिर तरीके से काम करता था कि किसी को शक न हो। थॉमस ने चोरी को छिपाने के लिए पैलेस के सरकारी रिकॉर्ड और रजिस्टर में भी हेरफेर की, ताकि स्टॉक चेक होने पर बर्तनों की गिनती सही लगे। हालांकि, जब बेशकीमती बर्तनों की संख्या काफी कम हो गई, तब प्रबंधन की नजर इस पर पड़ी।
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18वीं सदी के बेशकीमती पोर्सिलेन बर्तन
थॉमस जिन बर्तनों को साधारण समझकर बेच रहा था, वे असल में फ्रांस की राष्ट्रीय विरासत थे। ये बर्तन 'पोर्सिलेन' की दुर्लभ वस्तुएं थीं, जिन्हें 18वीं शताब्दी में राजा लुई 15वें के शासनकाल में 'मेनुफैक्चर नैशनल दे सेव्र' द्वारा बनाया गया था। इनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अहमियत बहुत ज्यादा है। राज्य-स्वामित्व वाली कंपनी द्वारा निर्मित इन बर्तनों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है, जिसका फायदा उठाकर चोर ने इन्हें कौड़ियों के दाम पर एक कलेक्टर को सौंप दिया।
कलेक्टर की मदद से चोरी को दिया अंजाम
चोरी के बर्तनों को ठिकाने लगाने के लिए थॉमस ने वर्साय के एक कलेक्टर घिसलैन मॉन्दों का सहारा लिया। मॉन्दों इन शाही बर्तनों को ऑनलाइन साइट्स के जरिए दोगुने और तिगुने दामों पर बेचता था। जब पुलिस ने मॉन्दों को पकड़ा, तो उसके वकील ने अजीब दलील दी कि वह "इतिहास का शौकीन" है, इसलिए उसने ये बर्तन खरीदे। हालांकि, पुलिस का मानना है कि उसे पता था कि ये बर्तन चोरी के हैं, क्योंकि उन पर सरकारी मुहर लगी हुई थी।
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भरोसेमंद 'बटलर' की गद्दारी
एक बटलर का काम राष्ट्रपति भवन में खाना परोसना, टेबल सजाना और मेहमानों की खातिरदारी करना होता है। थॉमस मैक्रों का मुख्य बटलर था और उसे राष्ट्रपति का इतना करीबी माना जाता था कि वह उनके निजी कक्षों तक पहुंच रखता था। चाय से लेकर शराब परोसने तक की जिम्मेदारी निभाने वाले इस शख्स ने पद से हटने के बाद भी पैलेस की सुरक्षा और भरोसे का फायदा उठाया। फिलहाल, इस शर्मनाक घटना पर राष्ट्रपति भवन ने चुप्पी साध रखी है, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल की कड़ी समीक्षा की जा रही है।












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