France: मेज पर सोता रहा ATC स्टाफ, एक घंटे हवा में मंडराती रही फ्लाइट, यात्रियों की अटकी सांसे, आगे हुआ ये...
France: फ्रांस के कोर्सिका द्वीप पर एक एयर कोर्सिका उड़ान को लगभग एक घंटे तक एजैकियो हवाई अड्डे के ऊपर मंडराते रहना पड़ा। रात की ड्यूटी पर तैनात एकमात्र एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के सो जाने के कारण कंट्रोल टावर से कोई जवाब नहीं मिला। नतीजतन, फ्लाइट को रास्ता बदलने की तैयारी करनी पड़ी।
दमकलकर्मियों और पुलिस ने जगाया कंट्रोलर
जब कंट्रोल टावर से संपर्क नहीं हो पाया तो हवाई अड्डे के दमकलकर्मियों को टावर में भेजा गया। दरवाजा खटखटाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर पुलिस को बुलाया गया और अंततः टावर में प्रवेश किया गया। वहां कर्मचारियों ने कंट्रोलर को अपनी मेज पर सोता हुआ पाया।

रनवे की बत्तियां जलीं तब उतरी फ्लाइट
जागने के बाद कंट्रोलर ने तुरंत रनवे की बत्तियां जलाईं और एयरबस A320 फ्लाइट को उतरने की अनुमति दी। फ्लाइट, जिसमें पर्यटक सवार थे, सुरक्षित रूप से कोर्सिका के नेपोलियन बोनापार्ट हवाई अड्डे पर उतरा।
1 घंटे तक हवा में चक्कर लगाए
रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट ने समुद्र के ऊपर लगभग एक घंटे तक चक्कर लगाए। अगर कंट्रोल टावर से संपर्क नहीं होता तो फ्लाइट को द्वीप के दूसरी तरफ स्थित बास्तिया शहर में डायवर्ट करना पड़ता। हालांकि इसकी नौबत आने से पहले फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मामला संभाल लिया था।
यात्रियों की अटकी थी सांसे
पायलट ने कहा कि उनके दशकों के करियर में उन्होंने कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया। उन्होंने बताया, "हमने थोड़ी देर चक्कर लगाए, इस दौरान यात्रियों की हालत घबराहट के कारण खराब हो गई थी। कुछ यात्रियों को सामने मौत नजर आ रही थी।" एक-एक मिनट गुजारना मुश्किल हो रहा था।
जांच शुरू, ड्रग्स और अल्कोहल टेस्ट निगेटिव
फ्रांस के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने घटना की पुष्टि की और इसे "असामान्य स्थिति" बताते हुए जांच शुरू कर दी है। कंट्रोलर का अल्कोहल और ड्रग्स टेस्ट किया गया जो निगेटिव आया। हालांकि तत्काल कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि संभावित प्रतिबंध पर विचार हो रहा है।
कर्मचारियों की कमी की समस्या उजागर
यह घटना फ्रांस में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स की कमी और उनके पर पड़ रहे वर्कलोड को दिखाती है। द टाइम्स की मानें तो, हाल के सालों में फ्रांसीसी कंट्रोलर्स बार-बार हड़ताल पर जाते रहे हैं। लिहाजा बचे हुए कंट्रोलर्स पर वर्कलोड ज्यादा रहता है।
ऊंची सैलरी के बावजूद हालात बिगड़ रहे
हर साल लगभग 120,000 यूरो (₹1.23 करोड़) तक का वेतन और जल्दी सेवानिवृत्ति का विकल्प मिलने के बावजूद कंट्रोलर्स का कहना है कि काम करने की स्थितियां लगातार "अस्थिर" हो रही हैं। जिससे नए लोग इस पेशे में आने से बच रहे हैं।
इंडोनेशिया में भी हुई थी ऐसी घटना
पिछले साल इंडोनेशिया में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था जब बाटिक एयर के दो सह-पायलट उड़ान के दौरान सो गए थे। लगभग 28 मिनट तक एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क नहीं हो पाया था। एक वरिष्ठ पायलट के जागने के बाद फ्लाइट को सुरक्षित उतारा गया।
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