हिंद महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ लापता विमान, कोई जिंदा नहीं बचा: मलेशियाई पीएम

आपको बताते चलें कि इस विमान में हादसे के वक्त पांच भारतीयों सहित 239 लोग सवार थे। इस बारे में यात्रियों के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। रजाक ने विशेष रूप से बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में कहा कि काफी दुख के साथ आपको सूचित करना चाहता हूं कि नये डेटा के अनुसार, उड़ान एमएच 370 का दक्षिणी हिंद महासागर में अंत हो गया। यह घोषणा दक्षिण हिंद महासागर में अंतरराष्ट्रीय खोज प्रयासों के पांचवें दिन की गई। आस्ट्रेलिया और चीन के विमानों ने पर्थ के पश्चिम में 2500 किलोमीटर की दूरी पर कई तैरती हुई वस्तुएं देखी थीं। आठ मार्च को लापता हुए बोइंग 777. 200 के मलबे के बारे में अभी आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।
नजीब ने कहा कि वह कल संवाददाता सम्मेलन बुलाएंगे। इस दौरान विमान के बारे में ज्यादा जानकारियां दिये जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश उपग्रह कंपनी इनमारसैट की ओर से मुहैया कराई गई सूचना के आधार पर हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि विमान दक्षिणी कोरिडोर की ओर उड़ा था और उसका आखिरी स्थान दक्षिणी हिंद महासागर के मध्य में था। उन्होंने कहा कि यह सुदूरवर्ती स्थान है और जमीन पर विमान के उतरने के संभावित स्थल से दूर है। उन्होंने कहा कि मलेशिया एयरलाइंस के अधिकारियों ने यात्रियों के परिजनों से बात की है और उन्हें नई बातों से अवगत कराया है।
रज्जाक ने एक ट्वीट में मीडिया से भी धैर्य बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि ऐसे मुश्किल समय में पीड़ितों के परिवार वालों की निजता का ख्याल रखा जाए। उल्लेखनीय है कि मलेशियन एयरलाइंस का MH 370 विमान 8 मार्च से लापता है। विमान ने मलेशिया की राजधानी क्वालालम्पुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरी थी। इस फ्लाइट में 239 लोग सवार थे और विमान उड़ान भरने के दो घंटे बाद ही रडार से लापता हो गया था। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हुआ है कि विमान किसी हादसे का शिकार हुआ है या इसके पीछे कोई साजिश है। मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में मलेशियाई पीएम इस बारे में विस्तृत जानकारी दे सकते हैं।












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