कौन हैं पुतिन के खिलाफ खड़ी होने वाली सना मरीन, जिन्हें कहा जा रहा फिनलैंड की ‘आयरन लेडी’
ऐसी स्थिति में जहां अधिकांश आकांक्षी राजनेता अपनी महत्वाकांक्षा को छिपाने की कोशिश करते हैं, फिनलैंड की सना मरीन ताज़गी भरी सीधी-सादी स्वभाव में नजर आती हैं।
हेल्स्किंकी, मई 13: कुछ साल पहले क्रिस्टीन टोल्की नाम की एक पत्रकार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के गौरान सना मरीन से पूछती हैं, कि क्या वो अपनी पार्टी सोशल डेमोक्रेट्स की तरफ से प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं? पत्रकार क्रिस्टीन टोल्की उस वाकये को याद करती हैं और बताती हैं, कि इस सवाल के पूछने के बाद सना मरीन ने मेरी तरफ ऐसे देखा, जैसे कह रही हों, कि क्या आप मुझसे ये सवाल पूछ रही हैं? इस वाकये के कुछ साल बीत चुके हैं और सना मरीन फिनलैंड की ही नहीं, पूरी दुनिया की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बन गई। लेकिन, इस वक्त फिनलैंड युद्ध की दहलीज पर खड़ा नजर आ रहा है और बहुत आशंका है, कि अगले कुछ दिनों में रूस फिनलैंड के ऊपर भी हमला कर दे।

सिर्फ 34 की उम्र में बनी प्रधानमंत्री
ऐसी स्थिति में जहां अधिकांश आकांक्षी राजनेता अपनी महत्वाकांक्षा को छिपाने की कोशिश करते हैं, फिनलैंड की सना मरीन ताज़गी भरी सीधी-सादी स्वभाव में नजर आती हैं। दो साल पहले, सिर्फ 34 साल की उम्र में उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा किया और दुनिया की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बनीं। अब सना मरीन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ विश्वमंच पर कदम बढ़ाने के लिए तैयार हैं, जब रूसी हमला फिनलैंड के दरवाजे पर खड़ा हो चुका है। ब्रिटेन ने आश्वस्त किया है, कि अगर रूस फिनलैंड पर हमला करता है, तो वो उसके साथ खड़ा रहेगा और इसके लिए इस हफ्ते की शुरुआत में फिनलैंड और स्वीडन के साथ एक ऐतिहासिक समझौता किया गया है। फिनलैंड ने काफी लंबे वक्त से तटस्थता की नीति अपनाई, लेकिन लेकिन रूस के यूक्रेन पर आक्रमण ने सब कुछ बदल दिया है। और अब फिनलैंड की प्रधानमंत्री दावे के साथ कहती हैं, कि फिनलैंड को नाटो में शामिल होने का अधिकार है और उसे इस पर विचार करना चाहिए। सना मरीन के शब्द तीर की तरफ रूस को चुभे और आलोचकों ने दावा किया कि 'मास्को को पीठ में छुरा घोंपा गया है'।

प्रधानमंत्री सना मरीन को जानिए
फिनलैंड की कुल आबादी 55 लाख है और सना मरीन 55 लाख लोगों की नेता हैं। सना मरीन की मां साधारण परिवार से आती हैं, लेकिन सना के पिता शराब के शिकार थे और उनकी मां को प्रताड़ित करते थे, लिहाजा सना की मां ने अपने शराबी पति को छोड़ने का फैसला किया। 18 साल की उम्र में सना मरीन मार्कस राइकोनेन से मिली और साल 2020 में उन्होंने शादी कर ली, जिस वक्त उनकी बेटी 2 साल की थीं। सना मरीन अपने परिवार की पहली सदस्य थीं, जो विश्वविद्यालय पहुंची और फिर उनका राजनीतिक जीवन भी काफी जल्दी ही शुरू हो गया। 20 साल की उम्र में सना मरीन सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी में शामिल हो गईं और फ़िनलैंड के तीसरे सबसे बड़े शहर टाम्परे में नगर परिषद के चुनाव में उम्मीदवार बनीं। वह अपने दूसरे प्रयास में सफल रही और संसद के लिए चुने जाने से पहले परिषद का नेतृत्व किया।

फोटोशूट करके मचा दी सनसनी
सना मरीन ने पांच पार्टियों के साथ गठबंधन कर नई सरकार बनाई और सबसे खास बात ये थी, कि इन पांचों पार्टियों की प्रमुख महिला थी। प्रधानमंत्री बनने के कुछ समय बाद ही सना मरीन ने लेदर जैकेट पहनकर फोटोशूट करवाई, जिसने फिनलैंड में सनसनी मचाकर रख दी। कुछ लोगों ने सोचा कि इस फोटो शूट के बाद सना मरीन की लोकप्रियता कम हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सना मरीन की विश्वसनीयता और बढ़ गई और उनके प्रशंसकों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। प्रतिष्ठित वोग मैग्जीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि, 'मैं जिस भी स्थिति में रही हूं, मेरे लिए सबसे अहम यह रहा, कि मैं जानती हूं कि मैं एक महिला हूं और मुझे आशा है कि एक दिन यह कोई मुद्दा नहीं होगा... मैं एक मध्यम आयु वर्ग के व्यक्ति से ना ही बेहतर हूं, और ना ही उनसे बुरा हूं'।

शुद्ध शाकाहारी हैं सना मेरिन
फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मेरिन शुद्ध शाकाहारी हैं। वो नॉनवेज बिल्कुल नहीं खाती हैं। और इस बात को भी बेहद कम लोग जानते हैं कि सना मेरिन अपने परिवार की पहली सदस्य हैं जिन्होंने किसी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की हो। लेकिन, संघर्ष की बदौलत उन्होंने फिनलैंड के सर्वोच्च पद तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की। फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मेरिन का जन्म 16 नवंबर 1985 को हेलसिंकी में हुआ था। सना मेरिन जब बेहद कम उम्र की थीं, तभी उनके माता-पिता अलग हो गये थे। दोनों ने तलाक ले ली थी। सना मेरिन को पिता ने उनकी मां के हवाले कर दिया और पारिवारिक उथल-पुथल ने घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब कर दी थी। साल 2015 में सना मेरिन पहली बार चुनकर संसद पहुंची और फिर फिनलैंड की परिवहन और संचार मंत्रालय की मंत्री बनी। जिसके बाद 2019 में उन्हें फिनलैंड का प्रधानमंत्री बनने का सौभाग्य मिला।

सना मेरिन का राजनीतिक सफर
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक सना मेरिन ने अपनी राजनीतिक सफर की शुरूआत महज 20 साल की उम्र से की थीं। उन्होंने टेंपर के सिटी काउंसिल का चुनाव लड़ा था और उन्हें पहली बार 2012 में जीत हासिल हुई। 2013 से 2017 तक वो सिटी काउंसिल की चेयरमैन रहीं और 2017 में फिर से वो इसी पद के लिए चुनी गई। पहली बार सना मेरिन को 2014 में यूट्यूब से काफी लोकप्रियता हासिल हुई थी और 2015 में सना मेरिन फिनलैंड की के पिरकनम्मा क्षेत्र से सांसद चुनी गईं। उन्होंने सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी से सांसद पद के लिए चुनाव लड़ा था और उसी पार्टी की अभी भी नेता हैं। 2019 के चुनाव में सना मेरिन ने धमाकेदार जीत हासिल कर अपनी पार्टी समेत अपने विरोधियों को भी हैरान कर दिया था और 23 अगस्त 2020 को वो मेरिन एडीपी की हेड चुनी गईं। सना मेरिन फिनलैंड में काफी प्रसिद्ध हैं और उनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा है।

फिनलैंड की सैन्य क्षमता
अपने यूरोपीय पड़ोसियों के विपरीत, जो स्थायी पेशेवर सेनाओं की ओर बढ़ गए हैं, फिनलैंड के पास करीब 2 लाख 80 हजार सैनिक हैं। हालांकि, फिनलैंड के पास रिजर्व सैनिक भी हैं, लेकिन रिजर्व सैनिकों को एकसाथ करने के लिए फिनलैंड को काफी वक्त की जरूरत होगी। फिनलैंड की सेना पारंपरिक युद्ध लड़ने में तो सक्षम है, लेकिन हाइब्रिड युद्ध लड़ने की क्षमता नहीं है। फिनलैंड रूस के साथ करीब 800 मील की सीमा को साझा करता है, लिहाजा, अगर रूस फिनलैंड पर अगर हमला कर दे, तो फिनलैंड के लिए रूसी सेना को रोकना काफी मुश्किल साबित होगा।












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